कन्नौज। जिले में 60 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश रविवार को थम गई। हालांकि, दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। बारिश से अब तक 69 कच्चे मकान ढह गए और किसानों की फसल जलमग्न है। वहीं, अभी भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, महादेवी घाट पर रविवार को गंगा का जलस्तर 124.870 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा फिर मंडराने लगा है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका से ग्रामीणों में बेचैनी है।
तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का सामान खराब हो गया। कई कच्चे मकान गिर गए। शहर के कई मोहल्लों में अभी भी जलभराव है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से धान, मक्का और बाजरा की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान फसलों से पानी निकालने और बची हुई उपज को बचाने में लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी एक-दो दिन हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन भारी बारिश से राहत मिलेगी।
फोटो :22: कृष्णानगर में गिरी निर्माणाधीन दीवार। संवाद
निर्माणाधीन इत्र कारखाने की दीवार गिरी
कन्नौज। मोहल्ला कृष्णानगर में सेवानिवृत्त शिक्षक पुरुषोत्तम दीक्षित के निर्माणाधीन इत्र कारखाने की दीवार तेज बारिश व हवा के चलते ढह गई। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। सुबह जानकारी होने पर पीड़ित ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबा सामान निकलवाया।
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फोटो :23: काकरकुई गांव में फावड़ा से नाला साफ करते ग्रामीण। संवाद
ग्राम पंचायत नादेमऊ में नाला की सफाई न होने से ग्राम पंचायत काकरकुई के खेतों में पानी भर गया। सुबह खेतों में पानी भरा देख ग्रामीणों ने स्वयं नाले की सफाई की।
फोटो :24: मोहल्ला बजरिया में ढहा पंकज दुबे का कच्चा मकान। संवाद
फोटो :25: प्रानपुर पल्यौरा में मलबे में दबा सामान ढूंढती महिला। संवाद
फोटो :26: भौंराजपुर में ढहे मकान को देखती सरला चतुर्वेदी। संवाद
फोटो :27: हसेरन में ढही छत के मलबे में दबा गृहस्थी का सामान। संवाद
बारिश ने मचाई तबाही, तहसील क्षेत्र में 20 कच्चे मकान ढहे
छिबरामऊ। लगातार हुई झमाझम बारिश से तहसील क्षेत्र के गांवों में 20 कच्चे मकान गिर गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, साइकिल और अन्य घरेलू सामान मलबे में दब गया। नगर के मोहल्ला बजरिया में पंकज दुबे के मकान की छत ढह गई। ग्राम नगला मुरली के मजरा भगंतपुर निवासी प्रवीण कुमार का कच्चा मकान गिर गया। श्यामवीर का कच्चा मकान भी ढह गया। अनाज, भूसा, साइकिल, बक्सा और कपड़े समेत घरेलू सामान दब गया। करीब सात फुट लंबी पक्की दीवार भी गिर गई। ग्राम प्रानपुर पल्यौरा निवासी सतीश तिवारी का भी कच्चा मकान बारिश की भेंट चढ़ गया। कुंवरपुर बनवारी निवासी गौतम सक्सेना का कच्चा कमरा ढह गया। ग्राम भौंराजपुर में सरला चतुर्वेदी का घर भी ढहने की जानकारी सामने आई है।
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फोटो :28: चबूतरे तक भरा पानी। संवाद
फोटो :39: मकान में भरा गंदा पानी दिखाती महिला। संवाद
भावलपुर में 20 घरों में घुसा तालाब का गंदा पानी
चपुन्ना। सौरिख के ग्राम पंचायत शिव सिंहपुर के मजरा भावलपुर में जल निकासी की समस्या से पुराने तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर 20 घरों में घुस गया। जलभराव और सीलन के चलते चेतन शर्मा और जीतमराम उर्फ जीते के मकान गिर गए। रुके हुए गंदे पानी की वजह से क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण आकाश शर्मा, जीते राम, चेतन शर्मा, रामू शर्मा, मुकेश शर्मा, संदीप शर्मा, उमाशंकर शर्मा आदि ने कहा कि पूर्व में सूचना के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।
फोटो :30: पानी भरे खेतों में खड़े होकर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
फसलें जलमग्न
विशुनगढ़। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते तालाब का पानी खेतो में पहुंच गया है। रविवार सुबह किसानों ने जब खेत पर पहुंच कर देखा तो फसलें डूबी देख बचाने की कवायद में जुट गए। कुड़रा निवासी रामबक्स लोधी, डॉ. धर्मवीर राजपूत, संकल्प लोधी, अनिल राजपूत, देवानंद, दिनेश चंद्र राजपूत सहित 100 से अधिक किसानों की फसले बर्बाद हो गई हैं।
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फोटो :31: धान की फसल में भरा पानी देखता किसान। संवाद
धान की जलमग्न फसल देख किसान चिंतित
सिकंदरपुर। लगातार हो रही भारी बारिश से क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेतों में पानी भरने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। शाहजहांपुर निवासी गप्पू दुबे ने बताया कि काफी कठिनाइयों के बाद पांच बीघा धान की रोपाई की थी। बारिश से पूरी फसल चौपट हो गई, 50 हजार रुपये का नुकसान हो गया है। इससे पहले आलू में भी नुकसान हुआ था तथा मक्का में भी अपेक्षित लाभ नहीं हुआ। मेहनत करके धान की फसल तैयार की थी। बारिश ने महीनों की मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया है।
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फोटो :33: जलभराव से कटी सड़क। संवाद
फोटो :34: जलमग्न प्राथमिक विद्यालय। संवाद
स्कूल में भरा पानी, कटी सड़क
जलालाबाद। भीषण बारिश से काली नदी कई किलोमीटर खेतों तक फैल गई। वहीं गुगुरापुर क्षेत्र के कई पक्के रोड पानी से कट गए, जिससे वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। गुगुरापुर से नरेंद्रपुर जाने वाला पक्का रोड़ प्राथमिक विद्यालय के पास बरसात में आधे से ज्यादा कट गया, जिससे आवागमन प्रभावित है। इस सड़क से नरेंद्रपुर अमरोली होते हुए संयोगिता मार्ग पर पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। इसी तरह सीएचसी के सामने हनुमंत खेड़ा मायानगर जाना वाली सड़क काली नदी के वहाब से आधे से ज्यादा कट गई है। नरेंद्रपुर का प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न हो गया है।
फोटो:35: खेतों में भरा नदी का पानी। संवाद
ईशन नदी उफान पर, फसलें डूबीं
ठठिया। लगातार बारिश के चलते ईशन नदी उफान पर है। नदी किनारे खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं, इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली संकट के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बुजुर्गों के अनुसार 15 साल बाद ईशन नदी का पानी गांवों की ओर पहुंचा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कोटेदार ब्रजेश द्विवेदी ने बताया कि भवन में तीन फीट पानी भर गया है।
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फोटो :36: ईजलपुर की गली में भरे पानी से निकलता ग्रामीण। संवाद
घरों व गलियों में भर गया तालाब का पानी
सौरिख। ईजलपुर में पप्पू दुबे के मकान से चंद्रपाल शंखवार के घर तक 50 मकान बने हैं, पास में ही तालाब है। तालाब का पानी ओवरफ्लो होने पर मकानों में घुस गया और गलियां तीन से चार फीट डूब गई हैं। जलभराव से मटरू शंखवार, राधेश्याम कठेरिया रामबाबू, झुन्झुनू पंडित, लालबाबू, सत्यवीर सिंह के मकान धराशायी हो गई। इसके अलावा 50 घरों में पानी भरा है। बीडीओ मनोज पोरवाल ने बताया कि पंचायत सचिव को मौके पर भेजा गया है।