तालग्राम। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब हेराफेरी नहीं हो सकेगी। पोषण ट्रैकर के माध्यम से अंतिम छोर तक पोषाहार वितरण की निगरानी होगी। धात्री माताओं व शिशुओं को वितरित किए जाने वाले पुष्टाहार के पैकेट पर क्यूआर कोड होगा। इससे पता चल सकेगा कि पुष्टाहार किस केंद्र से और किस लाभार्थी को दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अब जो भी पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों पर आएगा। उसके हर पैकेट पर एक विशेष प्रकार का क्यूआर कोड अंकित रहेगा। इसके चलते जब उस पुष्टाहार का वितरण होगा तो मालूम चल सकेगा कि पैकेट किस आंगनबाड़ी केंद्र से और किस लाभार्थी को दिया गया है। इस प्रक्रिया से आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली हेराफेरी पर लगाम लगेगी और वास्तविक लाभार्थी तक पुष्टाहार पहुंच सकेगा। पोषाहार वितरण की ट्रैकिंग के लिए एक एसएमएस अलर्ट व ओटीपी आधारित प्रणाली विकसित की गई है। जिसके माध्यम से लाभार्थियों को दिए जाने वाले अनुपूरक पोषाहार के वितरण को ट्रैक किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व लाभार्थी खुद भी पोषाहार के पैकेट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर अनुपूरक पुष्टाहार की निर्माण तिथि व अन्य सूचनाओं का विवरण प्राप्त कर सकेंगे। जानकारी और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा।
टोल फ्री नंबर भी दर्ज होगा
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि अभी आई आपूर्ति में क्यू आर कोड नहीं है। संभवत अगले माह आने वाले पोषाहार पैकेट पर क्यूआर कोड होगा। इसकी नेफेड की ओर से प्रकिया चल रही है। पोषाहार पैकट पर टोल फ्री नंबर भी अंकित होगा।