कन्नौज। जिले की पुलिस को वारदात होने पर सुबूत खोजने में नया मददगार मिल गया है। इस मददगार का नाम डोंडी है। हत्या, लूट, चोरी या डकैती जैसे जघन्य अपराधों में पुलिस को इसकी मदद से सुबूत जुटाने में आसानी होगी। करीब नौ माह की ट्रेनिंग के बाद इसे जिले में भेजा गया है।
अभी तक जिले में डॉग स्क्ववॉड यानी खोजी कुत्ता नहीं था। बड़ी वारदात पर फर्रुखाबाद से स्क्वॉड मंगवाया जाता था। इसमें होने वाली देरी से कई बार सुबूत खोजने में मुश्किलें आती थीं। अधिक समय होने या फिर अन्य दिक्कतों को लेकर खोजी कुत्ता अक्सर भटक जाता था। अपराधियों की धरपकड़ आसान करने को डॉग स्क्वॉड की मांग की गई थी।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह की पहल काम आई है। अब जिले को डॉग स्क्वॉड मिल गया है। सोमवार को विदेशी नस्ल का डोंडी पुलिस लाइन पहुंच गया। इसे पुलिस लाइन में अलग बैरक में रखा गया है। जल्द इसके लिए अलग से मेस और बैरक का इंतजाम किया जाएगा। डाेंडी के साथ ट्रेनर को भी भेजा गया है। अब पुलिस लाइन में डॉग स्क्वॉड यूनिट विकसित की जाएगी।
भोजन पर एक दिन में खर्च होंगे 425 रुपये
डोंडी घटनास्थल से पांच किलोमीटर की दूरी तक आरोपियों के पैरों के निशान का पीछा कर पहुंच सकता है। प्रतिमाह 15 हजार रुपये के वेतन पर डाेंडी काम करेगा। इसके अलावा उसके रखरखाव, भोजन-पानी और अन्य सुविधाओं पर प्रतिदिन 425 रुपये खर्च किए जाएंगे। शाम के खाने में बकरे का पका मीट, सुबह दूध व अंडा डाेंडी का पसंदीदा भोजन है।