भारत की कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कई मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
प्रदेशव्यापी अभियान के तहत भारत की कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी कन्नौज के जिला सचिव रामगोपाल वर्मा, अखिल भारतीय महिला समिति की प्रदेश उपाध्यक्ष धनदेवी कनौजिया की अगुवाई में दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमारी ने कहा कि श्रमिक विरोधी नीतियों को समाप्त किया जाए और 15000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए।
असंगठित मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की जाए तथा ठेकाकरण निरस्त किया जाए। जिला मंत्री सुनीता कनौजिया का कहना था कि किसानों के हित के मद्देनजर भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लिया जाए। साथ ही किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिया जाए।
रामप्रकाश कनौजिया का कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य व गेंहू खरीद की स्थिति में सुधार लाया जाए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्य सुरक्षा, राशनकार्डो को जारी करने में मनमानी को रोका जाए और नए राशनकार्ड जल्द जारी किए जाएं। बालकराम का कहना था कि मनरेगा योजना में 100 दिन के स्थान पर 250 दिन काम मुहैया कराया जाए।
300 रुपये मजदूरी के अलावा बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। शहरी गरीबों के लिए भी ऐसी योजनाओं को लागू किया जाए। मुन्नी देवी का कहना था कि कानून व्यवस्था में सुधार लाया जाए। दलितों, महिलाओं व अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बंद किया जाए। इस मौके पर विमला देवी, गुड्डी देवी, सुधा, मंजू, ऊषा देवी, शीला देवी, वीना देवी, कमला देवी, राजबहादुर, शिवराम, राधेश्याम वर्मा, राजरानी सहित कई मौजूद रहे।