छिबरामऊ। अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में वकीलों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर नारेबाजी की। उन्होंने केंद्र सरकार से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह राठौर के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर और मुंसिफी परिसर में नारेबाजी की। उन्होंने प्रस्तावित विधेयक को काला कानून करार दिया। कहा कि यह विधेयक अधिवक्ताओं की स्वायत्तता को समाप्त करेगा। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव की बात कही। वकीलों ने सरकार से अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की। महासचिव ललित प्रताप सिंह ने बताया कि 24 फरवरी 2026 को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति को संबोधित होगा और एसडीएम को दिया जाएगा।
इस प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जीतू श्रीवास्तव और महासचिव पंकज मिश्रा भी शामिल थे। इसके अलावा संजीव श्रीवास्तव, मुकेश द्विवेदी, राजीव हजेला, रामचंद्र यादव, अंजू पटेल आदि मौजूद रहे।