छिबरामऊ। पूर्वी बाईपास नेशनल हाईवे पर जंक्शन का निर्माण होना है। इसके लिए एनएचएआई ने अधिग्रहीत की गई जमीन पर बनी 18 दुकानों को जून 2024 में ध्वस्त कराकर खाली करवा लिया था। दो साल बीतने को है जंक्शन निर्माण के लिए अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इस खाली जमीन पर प्राइवेट बसों व ऑटो संचालकों ने कब्जा कर लिया है।
नगर से गुजरे नेशनल हाईवे चौड़ीकरण का काम पांच साल पहले पूरा हो चुका है। पूर्वी, पश्चिमी बाईपास पर जंक्शन और फर्रुखाबाद चौराहे पर गोल चक्कर का निर्माण होना शेष रह गया है। यह काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जून 2024 में पूर्वी बाईपास पर अधिग्रहीत जमीन पर बनी दुकानों को एनएचएआई ने ध्वस्त करा दिया था। कुछ दिनों बाद बरसात शुरू हो जाने के कारण जंक्शन निर्माण चालू नहीं हो पाया। ध्वस्त दुकानों का मलवा हटने के बाद से पूर्वी बाईपास तालाब की तरह बन गया था, जिस कारण यहां अक्सर हादसे हो रहे थे।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने यहां होने वाले हादसों का हवाला देते हुए डीएम से जंक्शन निर्माण कराए जाने की मांग की थी। तत्कालीन डीएम शुभ्रांत शुक्ला के निर्देश पर जीआर इंफ्रा ने उबड़खाबड जमीन को समतल करा दिया। जंक्शन निर्माण में हो रही लेटलतीफी का फायदा सौरिख बिधूना व छिबरामऊ तालग्राम रोड पर चलने वाली बसों के अलावा ऑटो चालकों ने कब्जा जमा लिया है। यहां दिन भी बसों का जमावड़ा रहता है, जिससे पूरे दिन जाम रहता है। इस संबंध में कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
एनएचएआई हेड क्वार्टर भेजी गई बजट के लिए फाइल
जीआर इंफ्रा के डिप्टी मैनेजर नवीन यादव ने बताया कि पूर्वी बाईपास जंक्शन की ड्राइंग पास होने के अलावा बजट के लिए एनएचएआई हेड क्वार्टर भेजी जा चुकी है। सर्वे के बाद इस पर मोहर लगते ही जंक्शन निर्माण का काम भी शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि नक्शा पास होने में चाहे जितना भी समय लगे, लेकिन निर्माण में ज्यादा दिन का समय नहीं लगना है। एक महीने के अंदर जंक्शन बनाकर तैयार कर दिया जाएगा।