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Kannauj News: किशोरी से दुष्कर्म करने वाले पुजारी को आजीवन कारावास

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कन्नौज। किशोरी से दुष्कर्म के दोषी पुजारी बुद्धिगिरि को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने शुक्रवार को आजीवन कारावास के साथ 2.02 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही पीड़िता को धमकाने के आरोपी पिता को कोर्ट ने बरी कर दिया। दुष्कर्म के दूसरे आरोपी पीड़िता के नाबालिग भाई का मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
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मूलरूप से बहराइच जिले के थाना दरगाह शरीफ के मोहल्ला सलारगंज निवासी बुद्धिगिरि इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव के बाहर बने मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करता था। इस मंदिर में काफी जमीन थी जिसकी देखभाल 10 वर्षीय (वारदात के समय आयु) पीड़िता का पिता करता था। पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में बताया कि वह माता-पिता के साथ मंदिर के नीचे वाले कमरे में रहती थी। 13 दिसंबर 2023 की दोपहर 12 बजे बुद्धिगिरि ने प्रसाद देने के बहाने बुलाया और दुष्कर्म किया। पुजारी ने यह बात किसी को बताने पर काट कर फेंक देने की धमकी दी थी। इस डर से वह चुपचाप वहां से चली गई। शाम को उसने यह बात पिता को बताई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पुजारी को गिरफ्तार किया था।

अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयानों के आधार पर बुद्धिगिरि को दोषी माना। जुर्माने की संपूर्ण राशि इलाज व पुनर्वास के लिए पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया। वहीं कोर्ट ने इस मुकदमे में पीड़िता को धमकाने के आरोपी पिता को बरी कर दिया।
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पुजारी से पहले भाई ने किया था दुष्कर्म



पीड़िता ने कोर्ट में दिए गए बयान में बताया कि पुजारी बुद्धिगिरि से पहले नाबालिग भाई ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद पुजारी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बुद्धिगिरि ने जब दूसरी बार दुष्कर्म किया तब उसने परिवार वालों को जानकारी दी। कोर्ट ने आरोपी नाबालिग भाई का मामला किशोर न्याय बोर्ड स्थानांतरित कर दिया। पिता ने भाई का नाम न लेने के लिए पीड़िता को धमकाया था। इसी आधार पर पुलिस ने वादी पिता को भी आरोपी बना दिया था।





डीएनए रिपोर्ट ने खोली पुजारी की हैवानियत की पोल

मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन इंदरगढ़ थानाध्यक्ष किशनपाल सिंह ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद डीएनए परीक्षण किया गया जिसमें पीड़िता और पुजारी बुद्धिगिरि का डीएनए मैच कर गया। यही डीएनए रिपोर्ट सजा का मुख्य आधार बनी। बुद्धिगिरि 2023 से ही जेल में ही बंद है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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