कन्नौज। उप्र शिक्षक महासंघ ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट मैदान पर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। महासंघ नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की मानीटरिंग के लिए लागू प्रेरणा एप के आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
महासंघ नेताओं ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को तत्काल स्वीकार किया जाए। शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा से वंचित रखा गया है। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छह सहायक अध्यापक, एक प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन सहायक अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक की संख्या के आधार पर नियुक्ति की जाए। विद्यालय में फर्नीचर, विद्युत, पंखे, चहारदीवारी, शुद्ध पेयजल की सुविधा प्रदान की जाए। प्रेरणा एप को लागू करने पर रोक लगाई जाए। प्रदेश के दूसरे जिलों में कार्य कर रहे शिक्षकों का उनके गृह जनपद में स्थानांतरण किया जाए। प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों को उनके वेतनक्रम के आधार पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा अन्य किसी विभाग के निरीक्षण पर रोक लगाई जाए।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि फर्रुखाबाद से काटकर 1997 में कन्नौज जिले का सृजन किया गया है। शिक्षकों की भविष्य निधि की कटौती की धनराशि का हस्तांतरण अभी तक नहीं हो सका है। धरने को पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ ने समर्थन दिया। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदयनरायण सिंह यादव, सह संयोजक विवेक चतुर्वेदी, संयोजक श्रीकृष्ण यादव, मोहित दुबे, मनोज यादव, धर्मेंद्र चौहान, आशीष मिश्रा, अजय यादव, अनूप मिश्रा, विमल यादव, नजर निजामी, रवि त्रिपाठी, शिवकुमार सक्सेना, हरिओम, प्रतिमा तिवारी, कृष्ण चंद्र यादव, जसकरन सिंह, अमिता कटियार, रीना सिंह, बीना सिंह, मीनाक्षी, सुमनलता यादव, दलवीर यादव, अरविंद दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।