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प्री-मानसून का दबाव बना तो फसलों को नुकसान

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कन्नौज/तालग्राम। जिले में हर दिन घिर रहे बादल बरस नहीं रहे हैं। इससे दिन में धूप से उमस बढ़ने लगती है। वहीं मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस बार तीन दिन पहले यानी 18 जून को मानसून आ जाएगा। पहली बारिश भारी हो सकती है। अगर प्री-मानसून का दबाव बन गया और बारिश हुई तो उड़द, मूंग, मूंगफली, जायद की सब्जी वाली फसलों को नुकसान होगा। मक्का की पकी फसल को भी तगड़ा नुकसान हो सकता है।
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इन दिनों दिन में धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं किसानों को फसलों को लेकर चिंता हो रही है। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मानसून की पहली बारिश 18 जून को हो सकती है। खेती-किसानी पर मिलाजुला असर पड़ सकता है। इसी हफ्ते बादलों के दबाव से मानसूनी बारिश हो गई तो कुछ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कुछ के लिए फायदेमंद भी माना जा रहा है। बारिश केला, धान, अरहर व कुछ हद तक मक्का के लिए फायदेमंद होगी। वहीं उड़द, मूंग, मूंगफली, तरबूज, खरबूजा, जायद की मक्का व सब्जी वाली फसलों को नुकसान होगा। बारिश में मूंगफली सड़ने और जमने की आशंका रहती है। धान की नर्सरी में ज्यादा पानी भरने से यह गल सकती है। मूंग, उड़द की पक्की फलियां भीग जाने से चटक जाती हैं।
अनौगी कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस वर्ष मानसून तीन दिन पहले आने की संभावना है। हवा के रुख को देखते हुए जिले में 18 जून तक भारी बारिश हो सकती है। किसान मूंग, उड़द, मूंगफली व जायद की मक्का की फसल सुरक्षित कर लें। धान की नर्सरी में पानी न भरने दें।
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