कन्नौज। जनपद करीब 56 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल किसानों ने की थी। आलू की बंपर पैदावार से किसानों के चेहरे खिल उठे थे और अच्छी बचत की उम्मीद थी लेकिन आलू के भाव गिरने से किसानों के सपनों पर पानी फिर गया।
किसानों ने 197 शीतगृहों में 16.98 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया। भाव न बढ़ने के कारण किसान शीतगृहों से आलू नहीं निकाल रहे हैं। 15 अक्तूबर तक किसानों ने नौ लाख 62 हजार 908 मीट्रिक टन आलू ही निकाला है, जबकि अभी भी शीतगृहों में सात लाख 35 हजार 344 मीट्रिक टन आलू भंडारित है। पिछले साल अक्तूबर में ही किसानों ने शीतगृहों से 74 फीसदी आलू निकाल लिया था।
इनसेट
शीतगृहों में बढ़ रहा नुकसान
भाव न मिलने से किसान शीतगृहों से आलू निकालने में कतरा रहे हैं। कई किसान तो किराया भी नहीं दे पा रहे हैं। इससे शीतगृह मालिक भी परेशान हैं। लंबे समय तक आलू पड़े रहने से आलू में सड़न शुरू हो गई है। शीतगृहों में रखा करीब 20 से 25 फीसदी आलू खराब होने की कगार पर है।
फोटो :28: कोल्ड में खुला पड़ा आलू। संवाद
40 हजार पैकेट आलू अब भी फंसा
नारेपुरवा स्थित कोल्ड स्टोरेज में अभी भी 40 हजार पैकेट आलू भंडारित पड़ा है। संचालक ने बताया कि इस सीजन कुल 75 हजार पैकेट आलू भंडारित किया गया था, जिसमें से अब तक मात्र 35 हजार पैकेट की ही निकासी हो सकी है। बाजार में आलू का भाव मिट्टी मोल होने से किसान अपना आलू निकालने से कतरा रहे हैं। किसान को लागत भी नहीं मिल पा रही है, जिससे वह कर्ज में डूब रहा है। कोल्ड स्टोरेज में पड़ा आलू अब सड़ने लगा है। इससे किसान और कोल्ड संचालक दोनों को नुकसान हो रहा है। किसानों ने सरकार से समर्थन मूल्य की मांग की है।
फोटो :29: कोल्ड स्टोरेज में लगीं ट्रैक्टर ट्रालियां।
नोटिस बोर्ड पर नहीं है भंडारण का ब्योरा
तालग्राम स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। यहां भंडारण का लेखा-जोखा नोटिस बोर्ड पर अंकित नहीं किया गया है। न ही निकासी का विवरण प्रदर्शित किया गया है। नियमानुसार प्रत्येक कोल्ड स्टोरेज को प्रतिदिन भंडारण, निकासी और शेष स्टॉक का विवरण बोर्ड पर लिखना अनिवार्य है।
किसान बोले-लागत भी नहीं निकल रही
फोटो :30: विवेक यादव।
ठठिया के किसान विवेक यादव ने बताया कि बाजार में आलू के भाव कम होने के कारण किसान उपज बेचने से बच रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में आलू के दाम बढ़ेंगे, जिससे उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा।
फोटो :31: शांतिप्रकाश।
नारेपुरवा निवासी शांतिप्रकाश ने बताया कि इस बार 10 बीघा में आलू बोया था। 500 पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है। खाद, बीज और सिंचाई में 80 हजार खर्च किया था, लागत भी नहीं निकल रही है।
फोटो :32: राजेंद्र।
बिचपुरवा निवासी किसान राजेंद्र ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में 80 पैकेट आलू रखा है। आलू बाजार में 225 से 250 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। कोल्ड का भाड़ा निकालने के बाद 100 रुपये भी नहीं बच रहे हैं।
फोटो :33: वीरेंद्र।
ताहपुर निवासी वीरेंद्र ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में 200 पैकेट आलू पड़ा है। अब बीज बोआई के लिए आलू निकाल रहे हैं। कंचन आलू बाजार में 300 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। इससे लागत निकालनी भी मुश्किल है।
वर्जन
जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कोल्ड में रखा आलू पूरी तरह सुरक्षित है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। तालग्राम में नोटिस बोर्ड पर ब्योरा न मिलने की शिकायत मिली है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह समय से आलू की निकासी कर लें ताकि नई फसल के लिए भंडारण में जगह मिल सके। - आशीष कटियार, जिला उद्यान अधिकारी