कन्नौज। क्षय रोग से पीड़ित मरीजों की शासन ने सुध ली है। उन्हें बेहतर इलाज के साथ जांच के लिए अहम फैसला लिया गया है। लॉकडाउन में डाकिया घर से सैंपल लेकर लैब तक पहुंचाया गया। इसके लिए राज्य क्षय विभाग ने भारतीय डाक विभाग से अनुबंध किया है। एक मई से डाकिया घरों से सैंपल लेने का काम शुरू कर देंगे।
जिले में मौजूदा समय 3512 टीबी के मरीज है, जिनका उपचार चल रहा है। कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बीच जिले में नये टीबी मरीजों को खोजने का अभियान बंद चल रहा है। ऐसे में इन मरीजों के संपर्क में आने से कई अन्य लोग संक्रमित होने की संभावना हुई है। इससे राज्य क्षय रोग विभाग ने भारतीय डाक विभाग से अनुबंध किया है। इसके चलते अब एक मई से डाकिया से मरीजों के घर जाकर उनका बलगम लेकर जांच के लिए लैब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। टीबी की पुष्टि के बाद उनके खाते में प्रत्येक माह 500 रुपये भेजे जाएंगे। जबकि, चिकित्सक डाकिया की मदद से दवा भी मुहैया कराएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेजे राम ने बताया कि टीबी मरीजों के मामले में सबसे बड़ी चुनौती जल्द जांच कराने की होती है क्योंकि एक टीबी मरीज अनजाने में न जाने कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। इससे सैंपल की जांच में तेजी आएगी और जांच रिपोर्ट आते ही जल्द उनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जिले की मरीजों की142 सीबीनाट मशीन सेंटर लखनऊ और इटावा भेजी जाएगी। 48 घंटे के अंदर मरीजों की रिपोर्ट आ जाएगी।