ठठिया। उमर्दा ब्लॉक के सिमुआपुर गांव में सफाई व्यवस्था की बदहाली ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। गांव की गलियां और नालियां पिछले कई महीनों से साफ नहीं हुई हैं, जिसके चलते जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियों में जमा बदबूदार पानी अब सड़कों पर बह रहा है, जिससे न सिर्फ आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ग्राम पंचायत स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गांव के मन्ना लाल, आकाश, सुनील, बलजीत, राकेश, गौतम, राजकुमार, दिनेश, भालू और दिलीप सहित अन्य लोगों ने बताया कि नालियां पूरी तरह चोक हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति शुक्रवार को और गंभीर हो गई, जब गांव में कई लोग बीमार पड़ गए। जलभराव और कीचड़ के कारण प्रशासनिक टीम को भी गांव के अंदर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे गांव की बदहाल स्थिति साफ तौर पर उजागर हो गई। ग्रामीणों ने प्रधान और पंचायत सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार मांग के बावजूद सफाई कार्य नहीं कराया गया। साथ ही पंचायत सचिव पर गांव न आने और कार्यालय में बैठकर ही विकास कार्यों के भुगतान करने का भी आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सात मई को करीब ढाई लाख रुपये के विकास कार्यों का भुगतान किया गया, जिसमें लगभग 54 हजार रुपये आरआरसी सेंटर की पुताई के नाम पर दर्शाए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।गांव में फैली गंदगी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। खंड विकास अधिकारी सोनिया श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में जल्द ही जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।