पुलिस और जनता के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए आईजी कानपुर जोन ने पुलिस आफिस में व्यापारियों, एनजीओ व थाना, कोतवाली प्रभारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर उठते जनता के विश्वास पर गहरी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पुलिस जनता के साथ बेहतर व्यवहार करें। इससे जनता अपनी शिकायत को बेखौफ होकर थाने में दे सके।
उन्होंने कहा कि यूपी में ही नहीं अन्य प्रांतों की पुलिस की भाषा शैली भी एक जैसी है। पुलिस फरियादियों से सही तरीके से बात नहीं करती है। जिसका नतीजा शिकायतें उनके पास तक पहुंचती है। अब पुलिस को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने एक टोल फ्री नंबर जारी किया है। 0512-2310512 पर कोई भी शिकायतकर्ता शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत को केवल फोन के जरिए बोलना है। जिसे टेप कर लिया जाएगा। यही नहीं दोबारा शिकायत को सुनाया भी जाएगा। यदि कहीं पर गलती हो तो उसे ठीक भी किया जा सकता है।
इसके अलावा शिकायत में अब तक क्या कार्रवाई हुई इसकी भी जानकारी इसी नंबर पर दोबारा मिल सकती है। यदि शिकायत को नहीं दर्ज कराना चाहते हैं तो इसी नंबर पर बोलना है। इसके अलावा व्हाटसएप व मैसेज नंबर 7704020202 के माध्यम से मैसेज और बीडीओ के अलावा तहरीर लिखकर भी भेज सकते हैं। शिकायत प्राप्त होने के तत्काल बाद कार्रवाई शुरु हो जाएगी।
उन्होंने व्यापारियों, एनजीओ को जानकारी देते हुए कहा कि व्यापारी यदि अपनी कोई शिकायत थाना, कोतवाली लेकर जाए और पुलिस उनकी बात न सुने तो तत्काल इन्हीं नंबरों पर सूचना दे। यही नहीं जिस पुलिस जवान या थाना, कोतवाली प्रभारी से बात करे या पैसे लेनदेने की बात हो उसकी वीडियो बनाकर उनके पास भेजे।
तत्काल कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान आईजी ने व्यापारियों की समस्याएं सुनी और उनके निस्तारण के लिए एसपी को निर्देश दिए। इस मौके पर विजय द्विवेदी, हनीफ ठेकेदार, थानाध्यक्ष वीएल यादव, अरविंद मोहन जायसवाल, भुल्लन यादव, आरपी पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
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बड़ा पेट देख सीओ पर कसा व्यंग
आईजी ने बैठक के दौरान सीओ छिबरामऊ वीपी सोलंकी और सीओ सिटी करन सिंह की बाडी फिट न देखकर व्यंग कसा। कहा कि शासन ने इन क्षेत्राधिकारियों को जनता की हिफाजत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जो पहले से ही फिट नहीं है। अब शासन के मुताबिक काम तो करना पड़ेगा। उन्होंने थाना, कोतवाली प्रभारियों को निर्देश दिए कि वह खुद को चुस्त-दुरुस्त रखें।