उम्मीदवारों के समर्थक मतदाताओं को धमका न सकें, इसके लिए चुनाव से पहले पुलिस अपराधियों के खिलाफ अभियान शुरू कर देती है। पुलिस का उद्देश्य लाइसेंसी शस्त्रों को जमा कराना और अवैध असलहों को पकड़ना होता है। इस बार पुलिस की लापरवाही सामने आई है। जिले की पुलिस ने सिर्फ 23 तमंचे पकड़े हैं। एक तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है।
लोकसभा चुनाव 2014 में जिले की पुलिस ने 45 तमंचे पकड़े थे। वहीं विधानसभा चुनाव 2017 में 29 तमंचों के साथ अपराधियों को दबोचा था। इस बार अभी तक पुलिस सिर्फ 23 ही तमंचे पकड़ सकी। आईजी जोन कानपुर ने जिले की पुलिस को करीब 55 तमंचे पकड़ने का निर्देश दिया था। कम संख्या में असलहा पकड़ने पर आईजी जोन ने पुलिस अधीक्षक को अधिक संख्या में अवैध असलहा रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को रात को अभियान चलाकर अवैध असलहा फैक्टरी पकड़नेऔर तमंचा रखने वालों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहा है। अवैध असलहों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मतदान तक सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
अब तक पकड़ी गईं असलहा फैक्टरी
1 फरवरी 2017: गुरसहायगंज पुलिस ने सिंहपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास अवैध असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया।
18 मार्च 2018: सदर कोतवाली पुलिस ने चांदापुर में छापा मार कर दो दर्जन से अधिक असलहा और अधबने तमंचे बरामद किए।
26 मार्च 2019: ठठिया पुलिस ने सुखसेनपुर गांव के जंगल में अवैध असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ कर असलहा बरामद किए थे।