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Kannauj News: 61 नाबालिगों को पीएम सम्मान निधि

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कन्नौज। देश के अन्नदाताओं को फसल के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएम सम्मान निधि दी जाती है पर सिस्टम की अनदेखी के चलते सम्मान निधि में खेल हो गया। इत्रनगरी में 61 नाबालिगों को दस्तावेजों की जांच किए बिना ही किसान बना दिया गया है और उन्हें सम्मान निधि दे दी गई। इसके अलावा 361 दंपतियों को भी सम्मान निधि दी जा रही है। राज्य स्तर पर हुई जांच के बाद पूरा खेल सामने आ गया। अब जिम्मेदारों ने अपात्रों को दी गई सम्मान निधि की वसूली की तैयारी शुरू कर दी है।
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इत्रनगरी में 2,26,800 पात्र किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। सम्मान निधि देने से पहले किसानों की कृषि विभाग और लेखपाल दस्तावेजों की जांच करते हैं। जिले में 19561 अपात्र किसान सम्मान निधि ले रहे थे, इसकी जानकारी किसी को नहीं हुई। शासन स्तर से जब जांच हुई तो पता चला कि इनमें 61 नाबालिग, 316 दंपती सम्मान निधि ले रहे हैं। इनके अलावा कई किसान ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड और खतौनी में नाम का मिलान नहीं हो रहा है।
वहीं, कई आयकर दाता होने के बावजूद सम्मान निधि ले रहे थे। कई जगह मृतक के नाम पर परिजन किस्त ले रहे थे और फर्जी दस्तावेजों के सहारे भी लाभ लिया जा रहा था। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि सभी मामलों की जांच कराई जा रही है। सभी एसडीएम, लेखपाल और कृषि विभाग की टीमों को गांव-गांव जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन किसानों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उनकी सम्मान निधि बहाल कर दी जाएगी। वहीं, अपात्रों से वसूली की जाएगी।
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गांव-गांव जांच और फर्जी लाभार्थियों से होगी वसूली
शासन के सख्त रुख के बाद एसडीएम, राजस्व लेखपालों और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को गांव-गांव जाकर भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि निष्पक्ष जांच के बाद सही दस्तावेज जमा करने वाले पात्र किसानों की सम्मान निधि तुरंत बहाल कर दी जाएगी। वहीं, जिन लोगों ने फर्जी तरीके से सरकार को चूना लगाया है, उनसे अब तक दी गई पूरी राशि की कठोरता से वसूली की जाएगी।

हर साल मिलते छह हजार रुपये

पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि तीन किस्तों में दी जाती है। जिले में 23वीं किस्त जारी हुई, लेकिन हजारों किसानों की किस्त रुकने से हड़कंप मचा है। वहीं, पात्र किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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