विकास भवन में कौमी एकता सप्ताह के तहत महिला दिवस का
आयोजन हुआ। इस दौरान महिलाओं ने अपने विचार रखे। परियोजना निदेशक एके सिंह
कुशवाहा ने कहा कि देश विकास की दौड़ में है। सालों तक विदेशी गुलाम रहा
हमारी प्राचीन संस्कृति को बिगाड़ा है, जिसके कारण हम मूल शिक्षा से अलग हो
गए हैं।
बेटा-बेटी कोई भी हो अगर अच्छा समाज अच्छा परिवार अच्छी संस्कृति
मिले तो वह समाज प्रयोगी होगा। बच्चों को अच्छी किताबें व अच्छे सीरियल व
अच्छी सोच रखनी चाहिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश बघेल ने कहा कि सरकार
द्वारा कौमी एकता बनाया गया जिस परिवार में विश्वास नहीं है तथा जहां आपस
में घृणा है, उस परिवार में हमेशा परेशानी रहती है।
कहा कि विज्ञान के
विकास होने से बच्चियों की संख्या में कमी आई है। उमर्दा सीडीपीओ ने कहा कि
महिला का विकास व उत्थान देश की स्वतंत्रता के पश्चात हुआ। महिला जन्म से
ही पिता की आश्रित, युवा अवस्था में पति की आश्रित तथा वृद्धावस्था में
पुत्र की आश्रित रहती है। इस मौके पर सोशल वर्कर मेहराज बानो, नीतू सिंह,
नीलम कटियार, रामकिशोरी त्रिपाठी, नीतू सिंह, रेखा, प्रिया कटियार, प्रीती
कटियार, सुनीता दोहरे, अनुराधा, गुलफिशा, रमन कटियार सहित अन्य लोग मौजूद
थे।