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फसल बर्बाद होने से कोल्ड स्टोरेज 42 फीसदी खाली

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कोल्ड स्टोरेज में पसरा सन्नाटा। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। बेमौसम बारिश व ओलों से आलू की फसल बर्बाद होने से उत्पादन घट गया। कम उत्पादन से बाजार में अच्छे भाव से किसान आलू का भंडारण करने की जगह बाजार में बेच रहे हैं। यूं मार्च के दूसरे समाप्त में सारे कोल्ड स्टोरेज फुल हो जाते थे। इस बार कोल्ड स्टोरेज 42 फीसदी तक खाली हैं। इससे कोल्ड स्टोरेज मालिक खासे परेशान हैं। इनका कहना है कि कम आलू को भी संरक्षित करने के लिए बिजली, कर्मचारियों समेत मजदूरों का खर्च वहन करना पड़ेगा। इससे नुकसान होगा।
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जिले में कुल 135 कोल्ड स्टोरेज हैं। नए छह कोल्ड स्टोरेज शुरू हुए हैं। इस साल 47,500 हेक्टेयर में आलू की बुआई की गई थी। भंडारण का 13,87,372.93 मीट्रिक टन लक्ष्य था। मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह तक कोल्ड स्टोरेज फुल हो जाते थे। इस बार मार्च का दूसरा सप्ताह बीतने के बाद भी 8,09,532.10 मीट्रिक टन भंडारण हो सका है। यह 58.35 फीसदी है। कोल्ड स्टोरेज 42 फीसदी खाली हैं। इस साल बेमौसम बारिश व ओलों की मार ने अन्नदाताओं को खूब रुलाया। खेत में पानी भरने से खुदाई का काम पांच छह से दिन के लिए टल गया। बाजार में आलू का भाव अच्छा मिलने से किसान सीधे बेच रहे हैं। इससे कोल्ड स्टोर में बहुत कम आलू पहुंच रहा है।
800 से 900 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा आलू
इस समय आलू 800 से 900 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। बाजार में आलू का अच्छा भाव मिलने से किसान सीधे बाजार ले जा रहे हैं। इससे भंडारण में कमी आई है।
बोले कोल्ड स्टोरेज मालिक
मानीमऊ कोल्ड स्टोरेज के मालिक राजीव पांडेय ने बताया कि बारिश की वजह से आलू का कम उत्पादन हुआ है। इसकी वजह से आलू कम आ रहा है। इस समय तक लगभग सभी कोल्ड स्टोरेज भर जाते थे। इस बार कमी है। शरद शीतगृह दंदौराखुर्द के रितुराज पांडेय ने बताया कि अभी तक 50 फीसदी ही आलू का भंडारण हो सका है। कम भंडारण होने से दिक्कत आएगी।
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