कन्नौज। मौसम के बदलाव से बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की खासी भीड़ देखी जा रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 350 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें करीब 200 लोग खांसी, जुकाम और बुखार (वायरल फीवर) से पीड़ित पाए गए। इसी तरह राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा की ओपीडी में 200 में 70 बुखार के मरीज आए। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर में चटक धूप और सुबह-शाम ठंड बढ़ने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
साल के पहले दिन से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। इससे समूचा जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह, दोपहर, शाम और रात को मौसम में उतार-चढ़ाव से लोग खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 350 मरीजों ने पंजीकरण कराया। राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा की ओपीडी में करीब 200 मरीज पहुंचे। सौ शय्या अस्पताल छिबरामऊ में 150 मरीजों में करीब 60 वायरल रोगी आए। विनोद दीक्षित सामुदायिक अस्पताल में 80 मरीजों में करीब 35 वायरल पीड़ित निकले।
अस्पतालों में ज्यादातर खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी रहे। सबसे अधिक बुजुर्ग, बच्चों और दिल की बीमारी से परेशान लोग बीमार पड़ रहे है। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि जनवरी की शुरुआत कोहरे और भीषण सर्दी से हुई। तेजी से पारा गिरने के बाद अचानक बढ़ गया। दोपहर को अच्छी धूप निकलने लगी है। मौसम में हो रहे परिवर्तन से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।
थोड़ी सी लापरवाही कर सकती बीमार
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. वीके शुक्ला ने बताया कि दोपहर में धूप निकलने पर अक्सर लोग बगैर गर्म कपड़ों के बाहर निकल आते है। धूप जाते ही सर्दी लगने लगने लगती है, जिससे व्यक्ति वायरल फीवर का शिकार हो जाता है। इससे सर्दी में लापरवाही बिल्कुल न करें।
सर्दी में घरेलू उपायों से भी हो सकता बचाव
जिला अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. सलमान हैदर ने बताया कि सर्दी के मौसम में वायरल फीवर होने पर लोग हल्दी जलाकर इसका धुआं लें। इससे आराम मिलेगा। दाली चीनी, काली मिर्च, इलायची और जीरे को सूती कपड़ों में बांधकर इसे सूंघते रहे। जबकि तुलसी और अदरक डालकर चाय का सेवन करें।