फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच दिन से लापता बालक का शव तालाब में मिला

विज्ञापन
परिजनों से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
कन्नौज। पांच दिन से लापता बालक का शव बुआ के घर स्थित घमाइचमऊ तालाब में मिला है। इससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक सदर कोतवाली क्षेत्र के मढ़हरपुर का रहने वाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बालक की मौत की वजह पैर फिसलने से तालाब में गिरना बताई जा रही है।
विज्ञापन

सदर कोतवाली क्षेत्र के मढ़हरपुर निवासी तौफीक की बहन फातिमा की शादी घमाइचमऊ में हुई है। बहन के घर 11 दिसंबर को कार्यक्रम था। तौफीक बच्चों को लेकर बहन के घर 10 दिसंबर को आ गया था। 11 दिसंबर की देर शाम तौफीक का सात वर्षीय पुत्र शोयब व पांच वर्षीय पुत्र उजैब घर से दुकान से कुछ लेने निकले। कुछ समय बाद शोयब घर लौट आया। उजैब नहीं आया। कार्यक्रम की वजह से किसी ने ध्यान नहीं दिया।
रात में उजैब के न मिलने पर उसकी खोजबीन शुरू हुई। उसका पता नहीं चला। सभी जगह तलाश करने के बाद तौफीक ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल की। कुछ पता नहीं चला। पांच दिन बीत जाने के बाद ग्रामीणों का शक गांव में बने तालाब पर गया। रविवार को जेसीबी से तालाब के ऊपर लदी घास की साफ कराई गई। इस दौरान उजैब का शव दिखाई दिया। इससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, चौकी इंचार्ज राममनोज द्विवेदी समेत पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। शव को कब्जे में लेकर परिजनाें से पूछताछ की गई। परिजनों व ग्रामीणों को आशंका है कि खेलते समय पैर फिसलने से उजैब करीब 20 फुट गहरे तालाब में गिर पड़ा। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता तौफीक ने बताया कि वह बहन के घर रिश्तेदारी में आए थे। यहां किसी से रंजिश नहीं थी। पुत्र की तालाब में गिरने से मौत हुई है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुपारी खरीदने गए थे दोनों भाई
बड़े भाई शोयब ने बताया कि वह उजैब के साथ सुपारी खरीदने दुकान पर गया था। यहां रुपयों को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। शोयब छोटे भाई को वहीं छोड़कर घर भाग गया। छोटे का शव मिलने पर उसकी आंखों में भी आंसू आ गए।
आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ता था उजैब
तौफीक ने बताया कि चार भाई-बहनों में उजैब दूसरे नंबर का पुत्र था। वह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने जाता था। पढ़ाई में तेज होने की वजह से मैडम ने उसका नाम कक्षा एक में लिखाने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें