मतगणना से एक दिन पूर्व कलक्ट्रेट स्थित जिला
निर्वाचन कार्यालय में भी पूरे दिन धमाचौकड़ी मची रही। कंप्यूटर पर एक ओर
जहां कर्मचारी कई आदेश, दिशा-निर्देश तैयार करते रहे, वहीं मतगणना सामग्री
बक्से में पैक करके मतगणना स्थल तक पहुंचाने की कवायद भी हुई।
चुनाव
कार्यालय कर्मी नरवीर सिंह, गोपाल, मुकेश, देवेश, सम्राट, अवनीश और ध्रुव
कार्य में लगे रहे। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार कटियार ने खुद
पहुंचकर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। उधर, डीएम और एसपी की मानें तो
दबंग किस्म के प्रत्याशियों पर पैनी नजर रहेगी।
खुफिया विभाग की ओर से
सूचना मिली है कि कई असरदार व बाहुबल का अक्सर प्रदर्शन करने वाले
प्रत्याशियों के ऊपर हार का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में मतगणना के दौरान
उक्त दबंग उम्मीदवार हंगामा या विवाद कर सकते हैं, इसलिए प्रशासन ने बखेड़े
से बचने के लिए हसेरन, कन्नौज, उमर्दा, जलालाबाद, सौरिख समेत कई अन्य
ब्लाकों के ऐसे उम्मीदवारों की जो बवाल कर सकते हैं की फेहरिस्त तैयार कराई
है।
ऐसे में इनकी गतिविधियों पर पहले से ही नजर रखी जाएगी। सादी वर्दी
में मतदान केंद्रों के आसपास सक्रिय पुलिस व खुफिया विभाग के दरोगा से लेकर
सिपाही तक की नजरें ऐसे नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखेंगी। उधर, कई
दिग्गज आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में वे एक-दूसरे की हारजीत का
कारण भी बन सकते हैं।
ऐसे में टकराव को टालना भी प्रशासन के लिए किसी
परीक्षा से कम नहीं है। एक अफसर की मानें तो यदि कहीं पर दबंग नेता अशांति
फैलाने की कोशिश करते हैं तो उनसे रैपिड एक्शन फोर्स के जवान निपटेंगे,
क्योंकि पुलिस अकसर स्थानीय संबंधों के चक्कर में या तो आंख मूंद लेती है
इधर-उधर हो जाती है। वहीं आरएएफ के चक्कर में उपद्रव करते जो नेता फंसेगा
उसकी शामत आनी तय है।