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स्कूल में उगाई सब्जियां खाते हें बच्चे

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स्कूल परिसर में बनी क्वारी दिखाते प्रधानाध्यापक। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय याकूब नगर के बच्चे एमडीएम में स्कूल की क्यारियों में उगाई ताजी सब्जियां खाते हैं। क्यारियों में टमाटर से लेकर धनियां तक उगाई जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को घर ले जाने के लिए भी सब्जियां दी जाती हैं। कोरोना महामारी के कारण इस समय स्कूल बंद होने से सब्जियों का उपयोग शिक्षक अपने घरों में कर रहे हैं।
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याकूब नगर स्कूल में प्रधानाध्यापक राजीव कटियार ने शिक्षक रश्मि यादव, शिक्षामित्र प्रीती और संगीता के सहयोग से स्कूल परिसर में सब्जियों की क्यारी तैयार की है। उन्होंने बताया करीब दो साल पहले हैंडपंप के आसपास जगह का सदुपयोग करने का विचार आया था। बाजार से हरी सब्जियों के बीज लगाकर बुलाई कराई। कुछ महीने में पौधे सब्जियां देने लगे। स्कूल की क्यारी में टमाटर, बैंगन, तोराई, लौकी, भिंडी, हरी मिर्च, कद्दू, मूली, गाजर, पालक, धनिया समेत सभी हरी सब्जियां तैयार हो रही हैं। पांच सहजन, दो अनार और आम के पेड़ भी लगे हैं।
क्यारियों की सब्जियां ही स्कूल के एमडीएम में पकाई जाती हैं। इस समय कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हैं, इससे सब्जियों का शिक्षक घर में प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में बढ़ने वाले कई बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। ऐसे बच्चों को घर ले जाने के लिए भी सब्जियां दे दी जाती हैं।
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सबमर्सिबल पंप लगे तो हो जाए और बेहतर
प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में एक हैंडपंप लगा है। इसके पानी से ही क्यारियों की सिंचाई होती है। सबमर्सिबल पंप लग जाए तो बाहर मैदान के किनारे और सब्जियां उगाई जा सकती हैं। इससे खाली जगह का सदुपयोग भी हो जाएगा।
कायाकल्प से नहीं हुआ कोई काम
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत स्कूल में कोई काम नहीं कराया गया है। अगर योजना से कुछ काम हो जाएं स्कूल को अलग पहचान मिल सकती है।
प्राथमिक विद्यालय याकूबनगर के प्रधानाध्यापक ने खाली पड़ी जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर किचन गार्डन तैयार कर लिया, ये अच्छी पहल है। अन्य स्कूलों के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को भी सीख लेनी चाहिए। याकूबनगर स्कूल को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि वह मॉडल स्कूल बन सके। -केके ओझा, बीएसए।
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