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चार दिन से डूबा रौसा गांव, अधिकारी सो रहे

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पानी में डूबा गांव का प्राथमिक विद्यालय। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ/चपुन्ना (कन्नौज)। नहर की खांदी कटने से रौंसा के घरों के आसपास और खेतों में चार दिन से पानी भरा है। निचले हिस्से में बने घरों तक पानी पहुंच गया है। गृहस्थी के साथ कूपों में भरा भूसा और धान की फसल खराब हो रही है। प्रधान की सूचना के बाद भी नहर विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे तो रविवार को ग्रामीणों ने गांव में नारेबाजी की।
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कानपुर ब्रांच की रामगंगा नहर की खांदी गुरुवार रात को कट गई थी। इससे धान की सौ एकड़ से अधिक फसल के अलावा प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर, ज्यादातर घरों के बाहर और निचले हिस्से में बने घरों में पानी भर गया। पानी भरने से पशुपालकों के भूसे के भी खराब हो गए हैं। ग्राम प्रधान उदय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को ही नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी थी लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा। हालत ये है कि ग्रामीण पानी के बीच मवेधी बांधने को मजबूर हैं। मकानों के बाहर पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। ग्रामीण विवेक सिंह, कल्लू चौबे, जितेंद्र सिंह, रामप्रताप ने कहा कि अगर धान की बालियां तीन दिन तक पानी में डूबी रहीं तो सड़ जाएंगी। परेशान ग्रामीणों ने रविवार को नहर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हरिप्रताप, ब्रजमोहन सिंह, विक्रम सिंह, फूल सिंह, सुभाष सिंह, मैदान जाटव, पेशकार जाटव व रामविलास सिंह ने प्रशासन से जल्द खांदी दी बंद कराने की मांग की है। एसडीएम तिर्वा एसडीएम जयनारायन ने कहा कि नहर विभाग के अधिकारियों को खांदी बंद कराने को कहा गया है। फसलों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर नहर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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खंदी काटने वाले पर दर्ज कराएंगे एफआईआर
रामगंगा नहर के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा ने बताया कि किसान नहर में खांदी कर देते हैं,जल्द ही खांदी को बंद करा दिया जाएगा। विभाग की टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। खांदी काटने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गिरने की कगार पर पहुंचे कच्चे मकान
रौसा गांव के दिलीप सिंह ने बताया कि खंदी कटने से गांव के किनारे बने कच्चे मकानों के बाहर पानी भर गया। अब मकान गिरने की कगार पर आ गए हैं। वह गांव के बाहर टीले पर अपना डेरा जमाए हैं, वहीं पर खाना-पीना कर रहे हैं।
फसल हो जाएगी बेकार
किसान जितेंद्र सिंह ने कहा कि गांव में करीब तीन सौ बीघा धान की फसल लगभग पककर तैयार हो चुकी थी। यह फसल आगामी दस दिन में कट जाती लेकिन खंदी कटने से धान की फसल बेकार हो जाएगी। कई जगह बालियां डूब गई हैं।
कैसे भरेंगे जानवरों का पेट
ग्रामीण रामप्रताप ने बताया कि उन्होंने मकान के बाहर कूप लगाकर जानवरों के लिए भूसा भरा था लेकिन खांदी कटने से गांव में पानी भर गया और कूप का पूरा भूसा बह गया। अब उनके पास जानवरों को खिलाने के लिए भूसा नहीं है।
अधिकारियों ने नहीं की सुनवाई
किसान विवेक कुमार सिंह ने बताया कि खांदी कटने के बाद नगर विभाग के अधिकारियों को फोन पर सूचना दी थी। अधिकारियों ने जवाब दिया कि यदि अभी खांदी बंधवा देंगे तो लोग फिर से इसे काट देंगे।
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