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नरौरा के पानी से जिले में बढ़ेंगी मुश्किलें

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मानीमऊ (कन्नौज)। गंगा नदी में लगातार नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी से खतरे की घंटी की बज गई। एक साथ नरौरा बांध से पानी छोड़ दिया गया है। छोड़े गए इस पानी का असर शनिवार शाम करीब पांच बजे से जिले में दिखाई देना लगेगा। पानी के पहुंचते ही गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर सकता है।
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जिससे गंगा के गंगा किनारे बसे कासिमपुर और बक्शीपुरवा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटने का खतरा बढ़ गया है। इस समय गंगा का जलस्तर 124.210 सेंटीमीटर पर स्थिर है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे नरौरा बांध से एक साथ 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। जिससे अब बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इससे पहले बुधवार को आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे महादेवी घाट पर पक्का गांव डूब गया है। गंगा किनारे स्थित गुमटिया तक पानी पहुंच चुका है।
केंद्रीय जल आयोग चौकी प्रभारी राकेश कुमार ने बताया गुरुवार सुबह आठ बजे नरौरा बांध से गंगा में 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो शनिवार शाम करीब चार बजे तक जिले में आ जायेगा पानी आने से गंगा चेतावनी बिंदु पार हो सकता है। अगर इसी तरह गंगा में पानी छोड़ा जाता रहा तो बाढ़ की संभावना है। फिलहाल शनिवार शाम कासिमपुर, गुमटिया, मेहंदीपुर, सलेमपुर और अड़ंगापुर तक पानी पहुंच जाएगा। जिसके चलते ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं गंगा में पानी छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही कटरी के गांव में रह रहे लोगाें की धड़कने तेज हो गई हैं। कुछ लोग कीमती सामान समेटकर अपने जानवरों और परिवार के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जाने की तैयारी भी करने लगे हैं।
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फसल बचाने में जुट गए किसान
कन्नौज। गंगा में पानी छोड़ने की जानकारी मिलते ही गंगा किनारे के खेतों में खड़ी फसल बचाने के लिए मेड़ मजबूत करने लगे हैं। कई किसान सब्जियों को तोड़कर बेंचने में जुट गए हैं। जिससे पानी बढ़ने से कम नुकसान हो सके। इसी तरह काली काली नदी किनारे की फसलों को भी बचाने का किसान प्रयास कर रहे हैं।
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