कन्नौज। कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। कोर्ट, कलेक्ट्रेट, थानों से लेकर जेल तक पहुंचे संक्रमण ने सभी को चिंता में डाल दिया है। ऐसे में जेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है कि अब नए बंदी सीधे जिला जेल नहीं जाएंगे। गिरफ्तारी के बाद उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी उन्हें 14 दिन तक अस्थायी जेल में रखा जाएगा। इसके बाद ही जिला जेल में स्थान मिलेगा।
जिला जेल में मौजूदा समय 790 कैदी और बंदी हैं। हाल में जेल में एक कैदी और दो बंदी रक्षकों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद जेल अधीक्षक विष्णुकांत मिश्रा ने पुलिस लाइन के पास सटे सेंट जेवियर्स इंटर कालेज में अस्थायी जेल बनाने का फैसला लिया है। यहां पकड़े गए बंदियों और कैदियों को 14 दिन तक रखा जाएगा। अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद तत्काल बंदी की कोरोना जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो अस्थायी जेल में उसका इलाज चलेगा। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी उसे 14 दिन तक यहां रखा जाएगा। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कोरोना जांच कराई जाए। बगैर कोरोना जांच के किसी भी न्यायालय व अस्थायी जेल नहीं भेजा जाएगा।
28 कैदियों की पैरोल अवधि आठ हफ्ते बढ़ाई गई
जेल में कैदियों की भीड़ कम करने को अप्रैल में मिली थी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। जिला कारागार से अप्रैल माह में पैरोल पर छोड़े गए 28 कैदियों की अवधि आठ हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई है। अब इन्हें सितंबर में हाजिर होना पड़ेगा।
महामारी को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने 10 अप्रैल 2020 को सात वर्ष से कम की सजा पाने वाले 28 सिद्धदोष कैदियों को आठ सप्ताह के लिए पैरोल पर रिहा किया था। जून माह में पैरोल की अवधि और बढ़ा दी गई थी। जेल अधीक्षक विष्णुकांत मिश्रा ने बताया शासन के अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी का आदेश मिलते ही अब पैरोल अवधि और बढ़ा दी गई है। वहीं 60 विचाराधीन बंदी भी न्यायालय के आदेश पर पैरोल पर अल्प अवधि के लिए रिहा किए गए थे। जिनका अभी आदेश नहीं आया है। कुछ लोगों ने जमानत भी करा ली है।