जानकारी देता श्याम प्रकाश व पत्नी बब्ली।
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गुरसहायगंज। जीरो बैलेंस खाते में 87 करोड़ 65 लाख कराया देख खाता धारक और उसका पति घबरा गया। दंपति ने भोजन तक नहीं किया। बैंक में भी उसे सही जवाब नहीं मिला। अगले दिन गैस एजेंसी संचालक ने समझाकर भोजन कराया। बैंक मैनेजर ने तकनीकी खामी से बकाया होने की बात कही है।
गांव भवानीपुर निवासी मजदूर श्याम प्रकाश दिवाकर की पत्नी बबली ने वर्ष 2015 में गैस कनेक्शन लेने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र पर जीरो बैलेंस से खाता खुलवाया था। सब्सिडी की जानकारी करने लिए श्याम प्रकाश गैस एजेंसी गए, वहां बताया गया कि सब्सिडी खाते में नहीं आ रही है। इसके बाद ग्राहक सेवा केंद्र जाकर खाते से संबंधित जानकारी ली। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक दीपक सिंह ने स्टेटमेंट निकाला तो उसमें बबली पर 87 करोड़ 65 लाख निकला। इतनी भारी रकम बकाया देख श्याम प्रकाश घबरा गया।
दंपति ने ने गुरुवार से भोजन तक नहीं किया। गुरसहायगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा जाकर जानकारी की तो बताया गया कि खाता बंद है। बैंककर्मी ने पासबुक पर खाता बंद है लिख दिया। शुक्त्रस्वार को तिराहा स्थित पीके गैस एजेंसी जाकर संचालक डॉ. पी के कटियार मिले। एजेंसी संचालक ने उन्हें सांत्वना दी और भोजन कराया।
बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक आलोक पांडेय ने बताया कि बबली का खाता बंद है। 6 से 10 माह तक लेन देन न होने पर जीरो बैलेंस खाता बंद कर दिया जाता है। तकनीकी खराबी के कारण 87 करोड़ 65 का बकाया दिखा रहा है, सोमवार को समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।