तिर्वा। उमर्दा क्षेत्र में बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल पार्क किसानों की आय दोगुनी करने की कोशिश में लगा है। आने वाले समय में अब जिला समेत आसपास जिलों के किसान देसी सब्जियों के साथ नीदरलैंड की शिमला मिर्च भी उगा सकेंगे। इजरायल तकनीकी से यहां सब्जियों की पौध तैयार की जा रही है, जो किसानों को सस्ते दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि इस समय अधिकांश किसानों के खेत खाली पडे़ रहते हैं। उनके लिए एक्सीलेंस पर देसी लौकी, तरोई, गोभी, पत्तागोभी, टमाटर के साथ साथ नीदरलैंड के शिमला मिर्च की पौध तैयार की गई है। देसी प्रजाति के पौध को किसान इसको लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान नीदरलैंड का शिमला मिर्च उगाकर बाहर बाजारों तक पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही बुंदेलखंड में होने वाले रतालू की भी पौध तैयार कराई जा रही है। इसकी पैदावार होने पर किसान उसे गुजरात तक पहुंचा सकते हैं। नीदरलैंड की शिमला मिर्च अपने यंहा करीब 200 सौ रुपये प्रति किलोग्राम बेची जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि एक्सीलेंस से कन्नौज, औरैया, इटावा, झांसी, उन्नाव, आगरा जालौन समेत कई जिलों के किसान लाभान्वित होंगे।
सहजन के पौध भी मिलेंगे किसानों को
औषधि के रूप में पहचान रखने वाले सहजन के पौध भी एक्सीलेंस परिसर में तैयार किए गए हैं। प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि सहजन खाने से शरीर में उर्जा का संचार बना रहता है। लोगों को बीमारी नहीं लगती। कोरोना संक्रमण का प्रकोप देखते हुए उन्होंने करीब तीन हजार सहजन की पौध तैयार की है। बताया यहां आने वाले प्रत्येक किसानों को वितरण कर लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा।