जसोदा। चार दिन पहले दी गई चेतावनी के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण रविवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्हें इस बात की नाराजगी है कि नए बने फोरलेन के टोल प्लाजा का निर्माण उनके गांव जेवा में हुआ है। उनके गांव की जगह पर बोर्ड में बशीरपुर का नाम लिखा गया है। जबकि बशीरपुर करीब पांच किलोमीटर दूर है।
जेवा ग्राम सभा के लोगों ने पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में चार दिन पहले प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों की मांग थी कि जब टोल प्लाजा जेवा ग्राम सभा की जमीन पर बना है, तो फिर उसके बोर्ड पर बशीरापुर का नाम क्यों लिखा गया है। उन्होंने बाकायदा सांसद सुब्रत पाठक से शिकायत भी की थी। सांसद ने डीएम से बात कर मामले का निस्तारण का आश्वासन दिया था। अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीण रविवार से प्लाजा के करीब ही सड़क किनारे विरोध-प्रदर्शन करने लगे। पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह, प्रधान प्रतिनिधि संदीप यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य श्याम जी अग्निहोत्री के नेतृत्व में हाइवे की किनारे ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए। कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक भूख-हड़ताल जारी रहेगी। गांव सतवारी के सामने से कटरा तक पुराना रोड बंद कर दिया है, उसे चालू किया जाए।
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नायब तहसीलदार ने मांगा एक माह का समय
ग्रामीणों की भूख-हड़ताल की जानकारी से प्रशासन अलर्ट हो गया। दोपहर बाद नायब तहसीलदार हिमांशु प्रभाकर ने पहुंच कर ग्रामीणों से बात की। उन्होंने एक माह के अंदर बोर्ड पर जेवा ग्राम सभा का नाम लिखवाने का आश्वासन दिया, इसके बाद ग्रामीणों ने भूख-हड़ताल समाप्त कर दी।