कन्नौज। हाईटेक होते जा रहे साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अब पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है। जिले में साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी के बाद पुलिस ने ऑपरेशन साईं वज्र अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के जरिए पुलिस डेटा कलेक्शन और तकनीक के सहारे अपराधियों पर पैनी नजर रखेगी।
एसपी विनोद कुमार के निर्देश पर साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की जा रही हैं। ऑपरेशन साईं वज्र के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खातों, यूपीआई आईडी और सोशल मीडिया प्रोफाइल का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे खातों और सिम कार्ड की चेन को ट्रेस कर जड़ तक पहुंचा जाएगा।
पुलिस का कहना है कि ज्यादातर ठगी झारखंड, राजस्थान और हरियाणा के साइबर हब से होती है। ऐसे में डेटा एनालिस के जरिए लोकल कड़ी और मनी ट्रांसफर के माध्यमों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से समन्वय बनाकर रियल टाइम जानकारी ली जाएगी। अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कैंप भी लगेंगे। पुलिस लोगों को बताएगी कि किसी अंजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी किसी से शेयर न करें और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले फोन पर भरोसा न करें।
पीड़ित तुरंत 1930 हेल्पलाइन और नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों का दावा है कि डेटा कलेक्शन से पहले से ब्लैक लिस्टेड नंबरों और खातों पर ऑटो अलर्ट सिस्टम काम करेगा। जैसे ही कोई संदिग्ध लेनदेन होगा, साइबर सेल को सूचना मिल जाएगी। इससे ठगी की रकम को फ्रीज कराने में मदद मिलेगी। एसपी विनोद कुमार का कहना है कि ऑपरेशन साईं वज्र से साइबर अपराधियों की कमर टूटेगी और आम लोगों को ऑनलाइन ठगी से राहत मिलेगी। अभियान अगले सप्ताह से पूरे जिले में शुरू कर दिया जाएगा।