आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से कालाधन सफेद करने के मामले में जिले में बैंक, पेट्रोल पंप, सराफा, साधन सहकारी समिति व सहकारिता बैंक संदेह के घेरे में चल रहे हैं। बैंकों के बाद अब आयकर विभाग ने आठ नवंबर से 15 नवंबर तक अधिक खरीदने व बेचने वाले सराफा दुकानदारों को चिह्नित करना शुरू कर लिया है। आयकर विभाग के अफसर खुफिया जानकारी लेने में लगे हैं। सूत्रों की मानें तो जिले में आधा सैकड़ा से अधिक सराफा कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है।
सेंट्रल एक्साइज विभाग भी कर रहा जांच
सेंट्रल एक्साइज विभाग भी ज्वैलर्स के स्टाक की जांच कर रहा है। बताया जा रहा है कि सात से 10 नवंबर के बीच हुई खरीद और बिक्री का आंकड़ा मांगा गया है। एक्साइज विभाग के सूत्र बताते हैं कि इनकी जांच अभी जारी है और कार्रवाई की जद में कुछ ज्वैलर्स आ भी सकते हैं।
सोना खरीदने वालों की भी आएगी शामत
आयकर विभाग ने आठ नवंबर के बाद से 15 नवंबर तक सोना खरीदने वाले ग्राहकों की लिस्ट मांगी है। ज्यादा फोकस आठ नवंबर से 11 नवंबर के ग्राहकों की लिस्ट पर किया जा रहा है। इन सभी खरीदारों को आयकर विभाग नोटिस जारी कर तलब करेगा। इन सभी से खरीदे गए सोने का हिसाब और आय का स्रोत पूछा जाएगा। आयकर विभाग और कुछ सराफा सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी के बाद कुछ दुकानों पर एक-एक दिन में दो से तीन किलो सोने की बिक्री हो गई। यह सोना 70-80 से अधिक लोगाें ने खरीदा। कुछ लोगों र्ने इंटें भी खरीदीं।
50 हजार से भी ऊपर भी बिका था 10 ग्राम सोना
सराफा कारोबारियों ने पांच सौ व हजार के नोट लेकर पहुंचे लोगों को 50 से 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सोना बेचा था। कालाधन रखने वालों ने भी अपने हजार व पांच सौ के नोट खपाने के लिए सोने की मुंहमांगी कीमत अदा की थी। लोग बैग में भरकर हजार और पांच सौ की गड्डियां पहुंचे थे। उस समय सोने की कितनी भी कीमत अदा करने को तैयार थे।