तालग्राम। गांवों में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लगाई जा रही ग्राम चौपालों में जिम्मेदार अधिकारियों की गैर मौजूदगी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। शुक्रवार को आयोजित चौपाल में अधिकारी नहीं पहुंच रहे तो फरियादी भी कतरा रहे हैं। चौपाल में कहीं सचिव तो कहीं पंचायत सहायक ही मौजूद रहे।
नैपालपुर और सकरवारा बगुलिहाई में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान कराने के लिए आयोजित ग्राम चौपालें औपचारिकता बनकर रह गई हैं। बीडीओ और एडीओ कृषि के बैठक में जाने के कारण चौपाल में नहीं पहुंचे। नैपालपुर में सचिव गिरजेश तिवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे। मात्र दो शिकायतें आई। सकरवारा बगुलिहाई में सचिव सुभाषचंद्र अवकाश पर थे। एडीओ सुबोध कटियार भी नहीं पहुंचे। पंचायत सहायक सुमन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। यहां एक भी शिकायत नहीं आई।
ग्रामीणों ने बताया कि जब अधिकारी नहीं पहुंच रहे हैं तो फरियाद किससे करेंगे। अधिकारियों की गैर मौजूदगी और ग्रामीणों की कम भागीदारी से ग्राम चौपालों का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास का कहना है कि कई अधिकारियों की ड्यूटी स्नातक व शिक्षक मतदान में लगाई गई है। इस कारण कुछ चौपालों में अधिकारी शामिल नहीं हो सके।