कन्नौज। शासन की सख्ती और प्रशासन की घुड़की के बाद भी अफसरों का रवैया नहीं बदला है। दफ्तर से गायब होने का सिलसिला जारी है। चार दिन पहले भी कई अफसर गायब मिले थे। सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी फिर से अपने-अपने दफ्तर में नहीं मिले। इन दोनों को ही अंतिम चेतावनी दी गई है।
डीएम शुभ्रांत शुक्ला के निर्देश पर सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कराए जाने पर सभी पूर्ति निरीक्षक गायब मिले। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केवी सिंह व जिला प्रोबेशन अधिकारी इरा आर्या इस बार भी गायब मिले। सीडीपीओ व पंचायत सहायक भी अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि वह हरहाल में सुबह 10 बजे अपने-अपने कार्यालय में मौजूद रहें। जनसुनवाई करें। कार्यालयों के निरीक्षण अभियान निरंतर चलता रहेगा। सभी अधिकारी अपने कार्यस्थल पर तैनात होकर जिम्मेदारी का परिचय दें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में दफ्तर से यह भी मिले गायब
प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में सोमवार को सीडीपीओ कन्नौज विजय लक्ष्मी दुबे, सीडीपीओ उमर्दा अमित मिश्रा, सीडीपीओ सौरिख पंकज यादव, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी तिर्वा जावेद अख्तर खान, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी तिर्वा मनोज गहराना, पूर्ति निरीक्षक कन्नौज अंकित अग्रवाल, पूर्ति निरीक्षक छिबरामऊ सियाराम कुरील, पूर्ति लिपिक छिबरामऊ मनीष श्रीवास्तव, ग्राम विकास अधिकारी उमर्दा अरबिन्द कुमार, शशांक, गौरीशंकर, भावना यादव, रत्नाजली, ग्राम विकास अधिकारी तालग्राम शिवांगी गुप्ता, जयप्रकाश, ब्रजेश कुमार, ग्राम विकास अधिकारी गुगरापुर मोहम्मद मोजीब, अश्वनी कुमार, ग्राम विकास अधिकारी कन्नौज विनीत शाक्य, ग्राम विकास अधिकारी सौरिख दिव्या, ग्राम विकास अधिकारी जलालाबाद संदीप सहित कुल 33 कर्मचारी सभी ब्लॉकों में गायब मिले।