छिबरामऊ। नर्सिंगहोम में न तो ऑपरेशन के लिए ओटी की व्यवस्था है और न ही आईसीयू। यहां करीब एक साल पहले प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। तीन सालों में यह नर्सिंगहोम कई अलग-अलग स्थानों पर बदले नामों से संचालित हो चुका है।
खुबरियापुर रोड पर संचालित नर्सिंगहोम कई बार सुर्खियों में आ चुका है। करीब एक साल पहले प्रसूता व नवजात की की मौत के बाद नर्सिंगहोम को सीज कर दिया था। बाद में संचालक ने नर्सिंगहोम को ताजपुर रोड पर शिफ्ट कर लिया था। कुछ समय पहले संचालक ने खुबरियापुर रोड पर जमीन खरीदकर नर्सिंगहोम का निर्माण कराया। रंजीत के भाई पंचम सिंह का आरोप है कि भाई के ऑपरेशन के लिए बाहर से डॉक्टर बुलाने की बात कही गई थी, लेकिन बिना किसी विशेषज्ञ डाॅक्टर और ओटी के उसका ऑपरेशन किया गया।
पंचम सिंह ने बताया कि रंजीत मजदूरी करता था। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर का थ। बड़े भाई रामलडै़ते की छह जून की बुलंदशहर में सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।