माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने नियमों को ताक पर रखकर बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों का निर्धारण किया है। जिले में तमाम ऐसे केंद्र बनाए गए हैं, जो कि मानक के विपरीत हैं। केंद्रों पर छात्रों के बैठने के न फर्नीचर और न ही शौचालय आदि का इंतजाम हैं। इसके बावजूद ऐसे विद्यालयों को सत्ता पक्ष के नेताओं के दवाब में हरी झंडी दे दी गई है। नतीजा यह है कि तमाम केंद्रों पर परीक्षा कराए जाने के लिए दूसरे विद्यालयों से संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
गुगरापुर विकास खंड क्षेत्र में स्थित भारतीय इंटर कालेज नितानंदपुर में हाईस्कूल व इंटरमडिएट के बच्चे समायोजित किए गए हैं। इस विद्यालय में बीडी तिवारी इंटर कालेज जलालाबाद के 62, पंडित कन्हैयालाल अग्निहोत्री के 118, राजकीय हायर सेकेंड्री गुगरापुर के 22 बच्चे परीक्षा देंगे। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट दोनों के छात्र हैं। विद्यालय की स्थित यह है कि कालेज में छात्राओं व छात्र के लिए दो-दो शौचालय निर्मित हैं, लेकिन इनमें किसी में भी गेट नहीं है।
छात्रों की तुलना में कक्षाओं में फर्नीचर काफी कम है। यदि और फर्नीचर न डाला गया तो तमाम छात्रों को जमीन पर बैठकर भी परीक्षा देनी पड़ सकती है। हालांकि जिलाधिकारी के तैयारी बैठक के दौरान दिखाए गए कड़े तेवरों का कुछ प्रबंधकों पर असर डाला है, कालेज में श्रमिकों को लगाकर फर्नीचर बनाए जाने का कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा विद्यालय तक पहुंचने के लिए खड़ंजा मार्ग है, जो कि कई जगह खराब है। इसको अभी तक सुधारा नहीं गया है। प्रधानाचार्य हरगोविंद सिंह का कहना है कि समय रहते जो भी अव्यवस्थाएं हैं, उनको पूर्ण कर लिया जाएगा।
बीजक से कर लें मिलान
डीआईओएस ने बताया कि समस्त परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के पैकेट पहुंचा दिए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापक बीजक से मिलान कर लें। यदि प्रश्नपत्र किसी विषय के कम हों तो बोर्ड के निर्धारित प्रारुप पर सोमवार तक सूचना दे दें। ताकि बोर्ड को अवगत कराकर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले मंगाए जा सकें।