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नौ सुपर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात

Tue, 08 Dec 2015 12:11 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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उमर्दा और हसेरन विकास खंड में चौथे चरण के आगामी नौ दिसंबर को होने जा रहे मतदान को लेकर उमर्दा विकास खंड में छह सुपर जोनल मजिस्ट्रेट और हसेरन विकास खंड में तीन सुपर जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती जिलाधिकारी ने कर दी है। उधर, कन्नौज मंडी समिति में अंतिम चरण के मतदान को पोलिंग पार्टियों को मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया।
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इस दौरान उनको कई निर्देश दिए गए। उमर्दा विकास खंड में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में कन्नौज के तहसीलदार राजेश कुमार, सेक्टर 1, 2, 3, 5 व 6 का सुपरवीजन करेंगे। इसी तरह से डिप्टी कलेक्टर राजेश यादव 7, 8, 9, 10, 11 सेक्टरों में भ्रमण करेंगे। नायब तहसीलदार कन्नौज रामकरन वर्मा 12, 13, 14, 15, 16 सेक्टरों में काम देखेंगे।

तहसीलदार तिर्वा ऋषिकांत राजवंशी को 22, 23, 24, 25, 26 सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीएम संतोष वैश्य सेक्टर 27, 28, 29, 30, 31 का पर्यवेक्षण करेंगे। हसेरन विकास खंड में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार छिबरामऊ अवनीश कुमार 1, 2, 3, 4, 5, 6 सेक्टरों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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सीडीओ उदयराज यादव को 7, 8, 9, 10, 11 की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम छिबरामऊ महेश प्रसाद दीक्षित को 12, 13, 14, 15, 16 सेक्टरों का प्रभार सौंपा गया है। डीएम ने इन सभी जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए हैं कि नौ दिसंबर को सुबह सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मतदान होगा।

इस दौरान सभी जोनल मजिस्ट्रेट निरंतर क्षेत्र में भ्रमण करते रहेंगे। मतदान खत्म होने के बाद सभी जोनल मजिस्ट्रेटों की यह जिम्मेदारी होगी कि मतपेटिकाओं को स्ट्रांग रूम में जाकर जमा कराएं। इसके साथ ही मतदान के पूर्व मंगलवार को सभी जोनल मजिस्ट्रेट संबंधित क्षेत्रों में जाकर उम्मीदवारों व गांव के संभ्रांत लोगों से वार्ता करें।

उधर, मंडी समिति में अंतिम चरण के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों को मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनर एनसी टंडन ने कहा कि यह चौथा व आखिरी चरण का चुनाव है। पोलिंग पार्टी में लगे लगभग सभी कर्मचारियों ने नियमों से बखूबी परिचित हैं, पर कई लापरवाहियों के चलते उम्मीदवारों के परिणाम उलट-पलट होने की संभावनाएं रहती है।

कहा कि इस बात का विशेष ख्याल रखा जाए कि बैलेट पेपर पर मोहर का ही इस्तेमाल हो। डीडीसी, बीडीसी पद को लेकर हुए चुनाव में तमाम बूथों पर लोगों ने बैलेट पर मोहर की जगह अंगूठे लगाए। जिस कारण सैकड़ों की संख्या में मतपत्र निरस्त हो गए। इसके अलावा तमाम जगह पोलिंग पार्टी मोहर का ध्यान नहीं रखती हैं कि उसमें रबड़ है, अथवा निकल गई। रबड़ हटने पर बैलेट पर लगाई गई मोहर बेकार है। वह मतपत्र निरस्त माना जाता है।
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