कन्नौज। महादेवी घाट पर हादसे के बाद पुल से गंगा नदी में गिरे मैदा लदे एक ट्रक को बाहर निकालने के अभियान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मंगलवार को पूरी तरह से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रक को पानी से बाहर निकालना नामुमकिन है। अब जब मानूसन का असर कम होगा और गंगा का जलस्तर नीचे जाएगा, तभी इस भारी-भरकम ट्रक को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि नदी की गहराई और तेज बहाव के बीच ट्रक को बाहर निकालने के लिए बेहद भारी क्रेन की आवश्यकता होगी। यदि इतनी बड़ी और वजनदार क्रेन को महादेवी घाट के इस पुल पर खड़ा किया जाता है, तो पुल के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने और उसके क्षतिग्रस्त होने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। किसी बड़े हादसे को टालने और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस ऑपरेशन को स्थगित करने का फैसला लिया गया है। अब जलस्तर घटने का इंतजार करना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
फंसा रहेगा ट्रक, बढ़ता जलस्तर बनी मुसीबत
मानसून के इस मौसम में बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर हर दिन तेजी से बढ़ रहा है। पानी की तेज रफ्तार और बढ़ते जलस्तर ने राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों के लिए मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं। नदी के भीतर दृश्यता शून्य के बराबर हो चुकी है। ऐसे में भारी मलबे और पानी के भारी दबाव के बीच किसी भी प्रकार का यांत्रिक ऑपरेशन चलाना जानजोखिम में डालने जैसा है। यही वजह है कि कम से कम आगामी तीन महीनों तक इस मैदा लदे ट्रक को नदी के सीने में ही दफन रहना पड़ेगा।
लापता हेल्पर विनीत की तलाश में एसडीआरएफ का मेगा सर्च ऑपरेशन
इस भीषण हादसे के बाद से ही ट्रक का हेल्पर, विनीत द्विवेदी रहस्यमय तरीके से लापता है। विनीत को तलाशने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें दिन-रात एक किए हुए हैं। रेस्क्यू टीमों ने महादेवी घाट से लेकर कानपुर गंगा बैराज तक नदी के एक बड़े हिस्से में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया है। साहसी गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती गंगा की गहराइयों में डुबकी लगाई और पानी के अंदर डूबे ट्रक के केबिन को भी पूरी तरह खंगाला। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद भी केबिन के भीतर या नदी के बहाव में विनीत का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
वर्जन
एसडीआरएफ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, मगर हेल्पर का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुल कमजोर होने के कारण ट्रक को अभी नहीं निकाला जा सकता है, इस बारे में एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता हुई है।
-अजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक