छिबरामऊ(कन्नौज)। नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत की जा रही भूमि के मुआवजे के लिए नगर के आसपास के चार गांवों की भूमि का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जमीन की हकीकत देखने के बाद ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी।
एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि अपर जिला मजिस्ट्रेट भूमि अध्याप्ति कानपुर नगर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग तथा उपनिबंधक को सदस्य बनाया गया है। नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए फोरलेन के गजट में देववरमपुर, सराय गूजरमल, छिबरामऊ तथा लड़ैता गांव की जमीनें राजस्व रिकार्ड में कृषक के रूप में दर्ज हैं। मौके पर इन जमीनों पर पेट्रोलपंप, गेस्ट हाउस, दुकानें तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन किया जा रहा है। इससे शासन ने इन गांवों की जमीनों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। सत्यापन के दौरान ही हकीकत खुलकर आएगी कि वर्तमान में सड़क किनारे की जमीनों पर व्यवसाय का संचालन हो रहा, या कृषि कार्य किया जा रहा है। 22 फरवरी को तहसील सभागार में सुबह 11 बजे समिति की बैठक होगी। बैठक के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक तीन सौ किसानों का हुआ भुगतान
नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीनों के मुआवजे के लिए भेजी गईं लगभग एक हजार फाइलों में से अभी तक तीन सौ किसानों को ही मुआवजा मिला है। लगभग सात सौ फाइलों को खामियां दूर करने के लिए कानपुर भू अध्याप्ति कार्यालय ने तहसील को वापस कर दिया है। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि तहसीलदार के निर्देशन में फाइलों की खामियाें को दुरुस्त किया जाएगा। सभी प्रपत्र भरकर पुन: कानपुर भेजे जाएंगे।
जले रिकार्ड वाले गांवों में शुरू हुआ भौतिक सत्यापन
छिबरामऊ। सड़क चौड़ीकरण की जद में पांच गांव ऐसे भी हैं जिनमें राजस्व रिकार्ड जला हुआ है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने जले अभिलेखों वाले गांवों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। सत्यापन टीम मुआवजे के लिए किसानों से अभिलेख जुटाने में लगी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के सर्वेयर अरुण तिवारी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण की जद में जले अभिलेखों वाले गांव बरुआ सबलपुर, विशुनपुर हासिलपुर (बहवलपुर), अकबरपुर सिकंदरपुर और करमुल्लापुर हैं। इन गांवों में क्षेत्रीय लेखपालों के साथ नेशनल हाईवे की टीम ने भौतिक सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। सिकंदरपुर में बाईपास प्रस्तावित है। इसके लिए करमुल्लापुर गांव की जमीन अधिग्रहीत होगी। अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले इन गांवों के किसानों को उनकी जमीन के कागजात जमा करने के लिए कहा गया है। लेखपाल किसानों के इन अभिलेखों को जमा करेंगे। इसके बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अन्य जगह फोरलेन के लिए जमीन के अधिग्रहण का कार्य पूर्ण होने के बाद सिक्स लेन के लिए मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण शुरू करवाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक भूमि अधिग्रहण का कार्य छिबरामऊ तहसील में सबसे पीछे चल रहा है। अन्य स्थानों पर मुआवजा देकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। निर्माण शुरू होने में हो रही देरी के कारण नेशनल हाईवे अथॉरिटी की टीम ने यहां डेरा डाल दिया है। इससे कि जल्द से जल्द भूमि अधिग्रहण व मुआवजे की प्रक्रिया को पूरा करवाया जा सके।