नौ माह से मानदेय न मिलने से नाराज केंद्र की अधिकारी और कर्मचारी समस्याएं बताते हुए।
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कन्नौज। आशा ज्योति केंद्र समस्याओं से जूझ रहा है। स्टाफ को नौ माह से मानदेय नहीं मिला है। ठेके पर तैनात दो सफाई कर्मियों की छुट्टी कर दी गई है। भवन जर्जर है। इसमें गंदगी फैली है।
विनोद दीक्षित चिकित्सालय परिसर में खुले आशा ज्योति केंद्र में समस्याओं का अंबार है। दूसरे को न्याय दिलाने वाला विभाग खुद न्याय मांग रहा है। ठेके पर तैनात सफाई कर्मी कमला व शोभा देवी को 14 फरवरी से हटा दिया गया है। 6,500 रुपये मासिक मानदेय पर लगीं इन कर्मचारियों को नौ माह से मानदेय भी नहीं मिला है। इसी मानदेय में एक हजार रुपये जीपीएफ भी काटा जाता था। इसका इनके पास कोई हिसाब नहीं है। यही हाल अन्य स्टाफ का है। इन्हें भी नौ माह से मानदेय नहीं मिला है। घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी अमल नहीं हो रहा है।
इस संबंध में केंद्र प्रभारी सुप्रिया पांडेय का कहना है कि वह केंद्र की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को लिखित रूप से पत्र दे चुकी हैं। निस्तारण नहीं हो रहा है। वर्ष 2017 से सफाई कर्मी के रूप में काम कर रहीं महिला कर्मचारियों की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। इनका बकाया मानदेय भी नहीं दिया गया है। केंद्र में सफाई कर्मी न होने से गंदगी हो रही है। स्टाफ के लोग कुर्सी, मेज खुद साफ कर रहे हैं।
आशा ज्योति केंद्र की कार हटाई
महिलाओं को न्याय दिलाने व उनकी अन्य समस्याओं का निस्तारण करने के लिए खुले आशा ज्योति केंद्र का स्टाफ पैदल हो गया है। यहां लगी कार को हटा दिया गया है। जिस संस्था के माध्यम से कार लगाई गई थी, उसका भी किराया नहीं दिया गया है।