कचहरी परिसर में शुक्रवार की दोपहर उस समय भगदड़ मच
गई जब मुंसिफी गेट पर दबंगों ने फायर झोंक दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस जब
तक मौके पर पहुंचती तब तक फायरिंग करने वाले भाग चुके थे। मामला मुंसिफी
गेट पर उठाए गए साइकिल स्टैंड पर वसूली को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस
आरोपियों की तलाश में जुटी है।
ज्ञात हो कि मुंसिफी गेट पर साइकिल
स्टैंड का ठेका उठाया गया है। यहां ठेकेदार के लोग रस्सी लगाकर आने-जाने
वाले वाहनों से वसूली करते हैं। शुक्रवार की सुबह साइकिल स्टैंड की वसूली
को लेकर विवाद शुरू हुआ था। जो बाद में तूल पकड़ गया। दोपहर बाद वह लोग
पुन: उसी मार्ग से बाइक से निकल रहे थे।
तभी वसूली कर रहे लोगों ने उन्हें
रोक लिया और रुपये मांगने शुरू कर दिए। इस पर पुन: विवाद शुरू हो गया।
गालीगलौच के साथ मारपीट होने लगी। शोरगुल सुनकर वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
इस बीच किसी ने अवैध असलहों से फायरिंग कर दी। फायरिंग होते ही भगदड़ मच
गई। लोग जान बचाकर भाग खड़े हुए।
फायरिंग की सूचना मिलते ही सीओ वीपी सिंह
सोलंकी, कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल, चौकी इंचार्ज गणेश प्रसाद मिश्रा
पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जब तक पुलिस पहुंचती तब तक फायरिंग
करने वाले भाग चुके थे। इस बाबत मोहल्ला सराफान निवासी ऋषि पांडेय ने
ग्राम कुंवरपुर बनवारी निवासी मोनू मिश्रा और उसके 8-10 साथियों के खिलाफ
रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह मुंसिफी गेट पर साइकिल स्टैंड के ठेकेदार अवनीश का
कर्मचारी है।
मुंसिफी परिसर में आने-जाने वाले वाहनों को खड़ा कर उनसे
पैसा वसूल कर रहा था। तभी मोनू वहां आए और बाइक खड़ी कर बिना किराया दिए
जाने लगा। जब उससे पैसा मांगा तो वह चला गए। दो घंटे बाद वह अपने 8-10 अन्य
साथियों के साथ बाइकों से आए और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
जिससे अफरातफरी मच गई।
शोरगुल सुनकर लोग आ गए। मौके पर एक खोखा कारतूस भी
मिला है। इस बाबत कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर
मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।