फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए वसूले गए तीन-तीन हजार

विज्ञापन
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में वार्ड ब्वाय, नेत्र परीक्षण अधिकारी व मरीज से जानकारी लेते सीएमएस - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
कन्नौज। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों से स्टाफ ठगी कर रहा है। मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए मरीजों से तीन-तीन हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। ससुर का आपरेशन कराने ठठिया से पहुंची आशा कार्यकर्ता से तीन हजार रुपये जमा करने के लिए कहा गया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। जानकारी पर सीएमएस पहुंचे तो धांधली की पोल खुल गई। आपरेशन करा चुके एक वृद्ध ने कबूला कि उससे भी तीन हजार रुपये जमा कराए गए हैं। पता चला कि अस्पताल में यह खेल लंबे समय से चल रहा था। सीएमएस ने नेत्र परीक्षण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन

बुधवार को ठठिया क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता ससुर के मोतियाबिंद का आपरेशन कराने के लिए पहुंची। नेत्र विभाग के वार्ड ब्वाय ने उससे तीन हजार रुपये जमा करने के लिए कहा। बताया गया कि आंखों का लैंस अस्पताल में नहीं है। प्राइवेट मंगाकर लगाया जाएगा। इस पर आशा कार्यकर्ता ने विरोध जताया। मामले की शिकायत सीएमएस से की। सीएमएस हकीकत जानने के लिए नेत्र विभाग में पहुंचे। उन्होंने नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. रामऔतार कमल से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि रुपये जमा नहीं कराए गए हैं। इस पर आपरेशन करा चुके जसौली निवासी कुद्दूस खां ने कहा कि उनसे भी तीन हजार रुपये जमा कराए गए हैं। बुजुर्ग के इतना कहने पर स्टाफ के चेहरे पर हवाइयां उड़ र्गइं।
सीएमएस ने वार्ड ब्वाय व नेत्र परीक्षण अधिकारी को फटकार दिया। सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल में उपलब्ध लैंस का प्रयोग किया जाए। बाहर से लैंस न मंगाया जाए। नेत्र परीक्षण कार्यालय के बाहर दीवार पर लिखवा भी दिया गया है कि आपरेशन नि:शुल्क होते हैं। किसी भी तरह का भुगतान न करें।
विज्ञापन

10 दिनों के अंदर रुपये लेने का दूसरा मामला
जिला अस्पताल में मरीजों से सुविधा शुल्क लिए जाने का यह दूसरा मामला प्रकाश में आया है। स्टाफ के ऊपर कार्रवाई न होने से हौसले बढ़े हुए हैं। पिछले दिनों हरदेवगंज की महिला प्रसव कराने के लिए अस्पताल पहुंची। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने आपरेशन कराने के लिए छह हजार रुपये जमा करा लिए थे। बाद में हंगामा हुआ तो परिवार को आधे रुपये वापस कर दिए गए। मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रवींद्र कुमार व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप से भी की गई थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ ने पत्र भेजा था। इसके बाद सीएमएस ने स्त्री रोग विशेषज्ञ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस जारी करने के बाद सात से आठ दिन का समय बीत चुका है। अभी तक जवाब नहीं दिया गया। सीएमएस ने कहा कि शुक्रवार को इस मामले में दोबारा पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें