कन्नौज। इत्रनगरी की 499 ग्राम पंचायतों में 472 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर दो से लेकर आठ लाख रुपये खर्च किए गए। देखरेख के लिए 407 केयर टेकर भी रखे गए हैं, जिन्हें छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा शौचालयों के लिए प्रयोग में आने वाली सामग्री जैसे तौलिया, साबुन, रूमाल, मग, बाल्टी, झाडू, बाइपर, बुश, हार्पिक इत्यादि सामग्री के लिए भी बजट दिया जाता है। इसके बावजूद शौचालय शोपीस बनकर रह गए हैं।
सीन एक:
फोटो :10: विशुनगढ़ में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद
विशुनगढ़ स्थित सामुदायिक शौचालय बना शोपीस
ग्राम पंचायत विशुनगढ़ के मजरा किला नगरिया गांव में लाखों रुपये की लागत से सार्वजनिक शौचालय बना था। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की सप्लाई न होने से ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय में कई महीनों से बिजली नहीं आ रही है।पानी की व्यवस्था न होने से शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है। देखरेख और रखरखाव के अभाव में शौचालय की स्थिति और भी खराब होती जा रही है।
सीन दो :
फोटो :11: नसरापुर शौचालय की सीटें और दरवाजे टूटे। संवाद
नसरापुर में शुरू से ही स्थिति दयनीय
सदर ब्लॉक के नसरापुर स्थित शौचालय के दरवाजे तक टूट गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां शौचालय तो बना, लेकिन देखरेख के अभाव में शौचालय के अंदर एक फुट ऊंची घास हो गई है और शौचालय की सीटें और दरवाजे भी टूटे पड़े हैं। शौचालय कई महीनों से बंद पड़ा है। देखरेख और रखरखाव के अभाव में शौचालय की स्थिति और भी खराब होती जा रही है।
सीन तीन :
फोटो :12: उमर्दा के मवई बिलवारी में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद
मवई बिलवारी में बंद शौचालय
उमर्दा ब्लॉक के ग्राम मवई बिलवारी स्थित शौचालय पर ताला लगा है, प्लास्टर टूटने लगा है, रैंप भी टूट चुकी है। पानी की लाइन भी उखड़नें लगी है। चाबी किसके पास रहती है किसी को नहीं पता। शौचालय की हालत देखकर नहीं लगता कि इसका प्रयोग भी किया जा रहा है।
सीन चार :
फोटो :13: चौधरियापुर स्थित शौचालय में पड़ी गंदगी। संवाद
चौधरियापुर में धूल फांक रहा शौचालय
सदर ब्लॉक के गांव चौधरियापुर स्थित शौचालय में गंदगी पसरी हुई है। लाखों रुपये की लागत से बना सार्वजनिक शौचालय बेकार पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की सप्लाई न होने से शौचालय का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय में कई महीनों से बिजली नहीं आ रही है। पानी की व्यवस्था न होने से शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है।
वर्जन
शौचालय नियमित रूप से खुलना चाहिए, जहां बंद हैं वहां की जांच कराई जाएगी। अगर शौचालय बंद हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शौचालय में प्रयोग होने वाली सामग्री नहीं है, वह डिमांड के बाद उपलब्ध कराई जाएगी। शौचालयों के रखरखाव की व्यवस्था एनआरएलएम विभाग को दी गई है।
- राजेंद्र प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी
फोटो :10: विशुनगढ़ में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद- फोटो : mathura
फोटो :10: विशुनगढ़ में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद- फोटो : mathura
फोटो :10: विशुनगढ़ में बने शौचालय में लगा ताला। संवाद- फोटो : mathura