उपमंडी समिति सौरिख के मंडी सहायक की जेब से बदमाशों
ने उस समय 50 हजार रुपये की नगदी पार कर दी, जब वह रिक्शे से बैंक रुपये
जमा करने जा रहे थे। रुपये लेकर रिक्शे से कूदकर भाग रहे बदमाश का उन्होंने
पीछा करने का प्रयास किया, पर वह अपने बाइक सवार साथी के साथ फरार हो गया।
पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी दी, पर देर शाम तक पुलिस
टरकाती रही। उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़ित ने घटना की सूचना एसडीएम
को दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। नौबस्ता कानपुर निवासी रवींद्र सचान
पुत्र रमेशचंद्र सचान उपमंडी समिति सौरिख में मंडी सहायक के पद पर तैनात
हैं।
सोमवार को वह 49 हजार 500 रुपये लेकर पहले मंडी समिति छिबरामऊ पहुंचे।
वहां लिखापढ़ी के बाद वह बैंक जाने को पश्चिमी बाईपास से बैटरी चालित
रिक्शे पर सवार हुए। रिक्शे पर उनके साथ दो और युवक बैठ गए। रवींद्र ने
बताया कि कुछ दूर जाने के बाद एक युवक रिक्शे से उतर गया और फिर आकर बैठ
गया।
जब वह पुरानी तहसील के पास पहुंचे तभी उनके पास बैठ युवक रिक्शे से
बिना किराया दिए कूदकर भाग खड़ा हुआ। संदेह होने पर जब उन्होंने जेब टटोली
तो देखी वह कटी थी और रुपये गायब थे। रिक्शा रुकवाकर उन्होंने रुपये
लेकर भाग रहे बदमाश का पीछा करने का प्रयास किया, पर इस बीच वह बाइक सवार
अपने साथी के साथ रफूचक्कर हो गया।
किसी तरह वह घटना की सूचना देने कोतवाली
पहुंचा, पर पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। इसके बाद वह मंडी समिति पहुंचा और
वहां उसने आपबीती बताई। वहां से मंडी के अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर वह
पुन: कोतवाली पहुंचा, पर पुलिस ने उसकी तहरीर नहीं ली।
इसके बाद पीड़ित ने
उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित को घटना की जानकारी देते हुए पुलिस
द्वारा कोई कार्रवाई न करने की शिकायत की। इसके बाद एसडीएम का निर्देश
मिलते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई और फिर पीड़ित को चीता मोबाइल के साथ
रिक्शे वाले की तलाश में भेज दिया।