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मोहब्बत के दायरे को थोड़ा और बढ़ाते हैं, ईश्वर-अल्लाह को एक ही थान में सजाते हैं

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पीएसएम कालेज में प्रतियोगिता के दौरान मौजूद मुख्य अतिथि व अन्य। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। पीएसएम डिग्री कालेज में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर गांधी पखवाड़े का आयोजन चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कवि डॉ. कृष्णकांत दुबे ने ‘चलो मोहब्बत के दायरे को थोड़ा और बढ़ाते हैं, ईश्वर-अल्लाह को एक ही थान में सजाते हैं, रचना पढ़ी।
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मुख्य अतिथि हिंदी के वरिष्ठ कवि रमेश चंद्र तिवारी विराम ने कहा कि ‘जब-जब आतंकवादी राष्ट्र की सीमाओं में आते हैं, नंदीग्राम में बैठे भरत याद आते हैं’। कवि अनिल अग्निहोत्री ने रचना पढ़ी ‘सागर चरण पखारे जिसके ऐसा देश महान है, हिंदी भारत मां की बिंदी, हिंदी हिंदुस्तान है’। कवि सुलभ ने काव्य पाठ किया, ‘जहां दूरियां मिट जाती हैं, और क्षितिज आता है, वहीं सूर्य हर सुबह नेह का कंचन बिखरता है’। कवि रामनाथ मिश्रा ने रचना पढ़ी, ‘मैं तेरे बिन जो सांसें लूं, उसे न काम लिखता हूं, तेरे हर वर्ण को मैं तो आठों याम लिखता हूं’। सहायक प्रो. पूजा त्रिपाठी ने भी रचना पढ़ी।
सहायक प्रो. सारिका त्रिवेदी ने ‘विश्वास हो मंजिल पाने का, तुम दृढ़ होकर के कार्य करो’ रचना का पाठ किया। छात्र उत्कर्ष मिश्रा, रोहित कुमार, देवेश पांडेय, रामचरित, वर्षा तिवारी, शिखर चौरसिया, पीयूष पांडेय, रितू कटियार, पारुल दुबे, फरहीन फात्मा ने स्वरचित रचनाएं सुनाईं। जूनियर वर्ग में देवेश पांडेय प्रथम, वर्षा तिवारी द्वितीय, रामचरित तृतीय रहे। सीनियर वर्ग में पारुल दुबे प्रथम, रितू कटियार द्वितीय, शिखर चौरसिया तृतीय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डा.शशिप्रभा अग्निहोत्री ने की। संचालन कृष्णकांत दुबे ने किया। इस मौके पर रवींद्र शुक्ला, विकास त्रिपाठी, श्रद्धा मिश्रा, शालिनी कटियार, अर्चना मिश्रा, अभिषेक पाठक, सुबोध कुमार, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।
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