सदर कोतवाली के मोहल्ला सरायमीरा बजरिया में जीटी रोड
किनारे बनी निखिल इंजीनियरिंग की दुकान का शटर तोड़कर चोर आठ लाख रुपये
कीमत का माल ट्रक में लादकर ले गए। जानकारी मिलते ही दुकान स्वामी व अन्य
ने पीछा किया, पर चोर पकड़ में नहीं आए। एसपी दिनेश कुमार पी ने मौका
मुआयना कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं।
दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी
कैमरे में चोरों के चेहरे व गतिविधियां कैद हो गई हैं। कोतवाली में
सरायमीरा बजरिया निवासी अभिनव त्रिवेदी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि
सोमवार की सुबह चार बजे चोरों व बदमाशों ने उनके घर के बाहर बनी दुकान के
सामने ट्रक खड़ा किया। इसके बाद शटर, चैनल तोड़कर दुकान के अंदर प्रवेश
किया।
इसके बाद कंपनियों के मोबिल आयल से भरे 100 से अधिक ड्रम व अन्य सामन
ट्रक में लादकर चोरी कर लिया। चोरी गए माल की कीमत आठ लाख रुपये है। इस
दौरान चोरों ने दुकान के बाहर लगी मुख्य लाइट तोड़ दी। करीब पांच बजे चोर
ट्रक समेत फरार हो गए।
कुछ देर बाद बजरिया सब्जी मंडी में आए दुकानदारों ने
शटर टूटा देखा, तो उन्हें जानकारी दी तो वह मौके पर पहुंचे। घटना के बाद
सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने पुलिस के खिलाफ भड़ास निकालते हुए
जाम लगाने की भी चेतावनी दी। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
इस पर
कोतवाल श्यामवीर सिंह यादव, एसएसआई वीके गौतम, सरायमीरा चौकी प्रभारी पप्पू
ठैनुआ मौके पर पहुंचे और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे।
मोहल्ले के कई लोगों ने बाइक से बाईपास, हरदोई रोड, ओवरब्रिज के आसपास
तलाशा, पर कोई सुराग नहीं लगा।
कोतवाल ने लोगों को जल्द घटना का खुलासा
करने का आश्वासन देकर शांत कराया। दोपहर में एसपी ने भी घटनास्थल का जायजा
लिया और जल्द खुलासे के निर्देश दिए। उधर, हाईवे किनारे जिस दुकान के बाहर
ट्रक लगाकर घटना को अंजाम दिया गया, वह चौकी से चंद कदम की दूरी पर है।
सभासद बाबा अखंडानंद, श्याम तिवारी, विनोद त्रिवेदी, तरुण चंद्रा, अल्केश
त्रिवेदी, राजेश आदि ने घटना के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार
ठहराया। जनप्रतिनिधियों ने कोतवाल के पहुंचने पर सरायमीरा चौकी प्रभारी
की कार्यप्रणाली की भी शिकायत की। एसपी के पहुंचने पर भी पुलिस की
निष्क्रियता के आरोप लगाए।
दुकान मालिक के चाचा विनोद त्रिवेदी ने आरोप
लगाया कि घटना की सूचना देने के लिए 100 नंबर डायल किया गया तो फोन ही
रिसीव नहीं हुआ। कोतवाली जाकर मुंशी को घटना के बारे में बताया गया तो उसने
सही से बात तक नहीं की। सूचना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाकर बैरियर पर तैनात
फोर्स को अलर्ट कर दिया होता तो चोर माल समेत पकड़ में आ जाते।