राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के
प्रांतीय आह्वान पर दो दिवसीय मंगलवार से शुरू हुई हड़ताल का असर कुछ
विभागों में बदस्तूर काम चलने से बेअसर साबित हुआ। हालांकि, सीएचसी में
हड़ताल का असर पूरी तरह देखने को मिला। यहां पूरे समय लोग सीएचसी में
हड़ताल पर बैठे मिले।
सीएचसी की ओपीडी पूरे दिन हड़ताल के चलते बंद रही,
जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार से राज्य
कर्मचारियों की कई मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर कई विभागों के राज्य
कर्मचारी सीएचसी में हड़ताल पर बैठ मिले। यहां सभा को संबोधित करते हुए
कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण सरकार को जमकर कोसा गया।
सभा की अध्यक्षता
कर रही मातृ एवं शिशु कल्याण संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी दीक्षित ने की। इस
दौरान परिषद के चेयरमैन अनिल मिश्रा और तहसील मंत्री शिवरतन सिंह ने कहा कि
कर्मियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद हो और कैशलेस सुविधा
प्रदान की जाए।
चेयरमैन अनिल मिश्रा ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को
केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानता प्रदान की जाए, नई
पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए,
राज्य कर्मियों को सात, 14, 20 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति
पद का ग्रेड वेतन देने की मांग की।
इस मौके पर अमीन संघ के जिलाध्यक्ष
नरसिंह यादव, चकबंदी के लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विजय यादव, सिंचाई संघ के
जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा, परिषद के तहसील अध्यक्ष राजेश पटेल, तहसील मंत्री
शिवरतन सिंह, विभा कुशवाह, हरिओम बाजपेई, राहुल यादव, देवेंद्र पाल,
शैलेंद्र शाक्य, पुष्पलता, मालती यादव, सुमन मिश्रा, सत्यराम आदि मौजूद थे।