कन्नौज। तालग्राम क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय टिकुरियनपुरवा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए शिक्षक राहुल राजपूत प्रकरण में शनिवार को बड़ा मोड़ आ गया है। चार दिन से तलाश कर रही पुलिस को उस समय राहत मिली, जब शिक्षक गाजियाबाद के एक अस्पताल में घायल अवस्था में भर्ती मिला। वहां उसका पुलिस निगरानी में इलाज किया जा रहा है। हालांकि, कई नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस अपहरण, फिरौती और संभावित साजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
शिक्षक राहुल राजपूत 14 जुलाई को दोपहर 12:40 बजे स्कूल में तबीयत खराब होने की बात कहकर निकले थे लेकिन घर कालिकानगर तिर्वा नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब परिजनों के पास 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फिरौती मांगने वाला शख्स हर बार अलग-अलग लोकेशन से कॉल करता रहा। जिससे पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को सटीक सुराग नहीं मिल सका। यही वजह रही कि जांच कई दिनों तक कॉल ट्रेसिंग और लोकेशन के चक्रव्यूह में उलझी रही। दो दिन पहले उनकी बाइक इंदरगढ़ कस्बे में बरामद हुई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि अपहरण हुआ था तो शिक्षक दिल्ली कैसे पहुंचे। चार दिनों तक वह कहां रहे और उनके साथ क्या हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहनता से जांच करेगी। एसपी विनोद कुमार ने शिक्षक के मिलने की पुष्टि की है। पुलिस टीम गजियाबाद पहुंचकर शिक्षक और अस्पताल प्रशासन से जानकारी जुटा रही है। उसके शरीर में चोटों के निशान हैं। शिक्षक के बयान के आधार पर जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। दो टीमें अस्पताल में पहुंच गईं हैं, जो रविवार को उसे जिला मुख्यालय पर लाएंगीं। इसके बाद पूरा खुलासा किया जाएगा।
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103 घंटे...10 लाख की फिरौती, अब एनसीआर कनेक्शन
कन्नौज। शिक्षक राहुल राजपूत प्रकरण में पुलिस अपहरण की थ्योरी के करीब पहुंचने पर काम कर रही थी, लेकिन गाजियाबाद के एक अस्पताल में घायल अवस्था में शिक्षक के मिलने से पूरा घटनाक्रम नए मोड़ पर पहुंच गया।
राहुल के अचानक लापता होने पर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। 11 टीमें गठित की गईं, 14 मोबाइल नंबर निगरानी में लिए गए और 2000 सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान सबसे बड़ी चुनौती फिरौती मांगने वाले कॉलर साबित हुए। सूत्रों के अनुसार हर कॉल अलग-अलग लोकेशन से किया गया। कभी उत्तर प्रदेश तो कभी दूसरे राज्यों के साथ नेपाल तककी लोकेशन सामने आती रही। इससे पुलिस की जांच कई बार नई दिशा में मुड़ती रही। फिलहाल पुलिस अपहरण, फिरौती, व्यक्तिगत रंजिश और सुनियोजित साजिश समेत सभी पहलुओं को खंगाल रही है। राहुल का बयान इस पूरे रहस्य की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।
गाजियाबाद कैसे पहुंचे राहुल...
शिक्षक के अस्पताल में भर्ती मिलने के बाद जांच का केंद्र बदल गया है। आखिर वह गाजियाबाद कैसे पहुंचे, चोटें कैसे आईं और चार दिनों तक कहां रहे। इन सवालों के जवाब ही पूरे मामले की असली तस्वीर सामने लाएंगे। फिलहाल पुलिस राहुल के बयान का इंतजार कर रही है, जिसके बाद अपहरण, फिरौती और कथित साजिश की परतें खुल सकती।
दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा... सुराग के पीछे दौड़ी टीम
राहुल कांड की जांच कन्नौज तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा तक पड़ताल की। नेपाल कनेक्शन की आशंका पर भी सूचनाएं जुटाई गईं। कन्नौज पुलिस की दो टीमें दिल्ली क्षेत्र में पहले से सक्रिय थीं।