तिर्वा (कन्नौज)। कोविड मरीज के तीमारदार के कॉलेज में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने का आरोप लगाने पर पहुंची पुलिस ने वार्ड से दो लोगों को पकड़ लिया। इनसे पूछताछ की जा रही है।
मैनपुरी जिले के बेबर की शिवनगर कालोनी निवासी गया प्रसाद लखनऊ में दरोगा हैं। इनकी 48 वर्षीय पत्नी की 21 मई को हालत खराब हो गई। बेटे ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। आइसोलेशन वार्ड में इलाज हो रहा है। गया प्रसाद ने बताया कि उनसे कालेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने कोविड मरीजों के लिए रामबाण साबित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन बाहर से लगवाने की बात कही। इसके साथ ही एक इंजेक्शन 15 हजार रुपये कीमत का बताया। बेटे ने 85 हजार रुपये दे दिए। सात इंजेक्शन लगने के बाद कर्मचारियों ने बचे पैसों की मांग की तो इंजेक्शन के बिल और रेपर मांगा। आरोपियों ने पहले पैसों की मांग की। इंजेक्शन न लगाने का शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज की निशानदेही पर दो कर्मचारियों को पकड़ लिया। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
वहीं सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि कालेज में पर्याप्त रेमेडेसिविर इंजेक्शन हैं। यह मरीजों को दिए जा रहे। इंजेक्शन लगवाने की कीमत लेने की जानकारी आई है। जांच कर कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले मेें सीओ दीपक दुबे का कहना है कि कोतवाल शैलेंद्र कुमार ने बताया है कि तहरीर नहीं मिली है। पकड़े गए लोगों पर इंजेक्शन बिक्री का आरोप है। इनसे कोई इंजेक्शन बरामद नहीं हुआ। जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।