गेहूं के खेत में मड़ाई करते किसान।
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कन्नौज। इन दिनों गेहूं कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है। दो दिन से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बारिश की आशंका से किसान सहमे हैं।
गुरुवार सुबह बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे किसानों के माथे पर बल आ गए। किसान सुबह होते ही परिवार समेत खेतों की ओर निकल गए। अभी करीब 40 से 45 फीसदी गेहूं की फसल मड़ाई के लिए खेतों में पड़ी है। जिन किसानों ने मड़ाई करा ली, उनका भूसा खेतों में पड़ा है। बारिश से भूसा और गेहूं भीगने का डर है। गुरुवार को दिनभर किसान गेहूं की फसल को सहेजने में लगे रहे। वहीं आसमान में बदली की वजह से पारा 37 डिग्री से लुढ़ककर 32 डिग्री पर पहुंच गया। सात किमी की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह के मुताबिक किसान गेहूं के बंडल को धूप निकलने पर उसे खेत में अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद ही मड़ाई करें।
जायद की फसल में भी नुकसान का डर
गेहूं और सरसों की फसल पहले ही तबाह हो गई है। अब जायद की फसलों पर मौसम की मार का डर सता रहा है। तेज हवा के साथ बारिश हुई तो तरबूज, खरबूजा, उर्द, मूंग और मक्का की फसलों में भारी नुकसान हो सकता है।
लॉकडाउन के बाद मौसम के मिजाज से किसान परेशान
छिबरामऊ। लॉकडाउन के बाद किसान आसमान में छाई बदली से परेशान हैं। फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसानों ने रात में गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। मजदूर न मिलने पर घर की महिलाएं, बच्चे व पुरुष खेतों में जी जान से जुटे हैं। किसानों के मुताबिक लॉकडाउन से किसान फसल की सही ढंग से देखभाल नहीं कर सके। काफी नुकसान हो चुका है। मौसम बिगड़ा तो मेहनत पर पानी फिर जाएगा।