पंडित बनारसी दास ने हिंदू रीति रिवाज से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया। हेमा ने बताया कि दहेज लेना और देना दोनों पाप है। युवाओं को बगैर दहेज शादी करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे इस कुप्रथा का अंत संभव है।
परिजनों ने भी नवदंपती को सुखी जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद दिया। मंदिर में संपन्न हुआ दहेज रहित विवाह आसपास के लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। लोग दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके निर्णय की दिल से तारीफ कर रहे हैं।