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Kannauj News: मंजू की हत्या पुलिस के लिए बनी चुनौती

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छिबरामऊ। सर्राफा की पत्नी मंजू वर्मा की दिनदहाड़े हत्या पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। तीन दिन की सघन जांच में गमछे वाले के अलावा और भी कई संदिग्ध पुलिस के शक में दायरे में आ गए हैं। इन सभी की लोकेशन से लेकर अन्य गतिविधियों की बुधवार को जांच पड़ताल की गई।
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सर्राफा व्यवसायी मोहल्ला बनवारी नगर निवासी राजीव वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा (55) की 25 मई को हत्या कर दी थी। शाम को जब राजीव, बेटे शुभांशू के साथ अपनी विशुनगढ़ स्थित सर्राफा की दुकान बंद करके घर पहुंचे तो मंजू अंदर कमरे में मृत अवस्था में पड़ी मिली थी, उनके नाक से खून निकल रहा था और सिर के अगले हिस्से पर चोटों के निशान थे। दिनदहाड़े हुए हत्या के खुलासे के लिए एसपी विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार व सीओ सुरेश मलिक ने एसओजी, सर्विलांस के अलावा पांच टीमों को जिम्मेदारी सौंपी है। पु
लिस घटनास्थल से लेकर तिराहे चौराहों से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी खंगाल चुकी है। इसके अलावा मंजू के परिजनों से अलग अलग पूछताछ कर रही है। कोतवाल कपिल दुबे ने बताया कि पुलिस की पड़ताल में गमछे वाले के अलावा कुछ और भी संदिग्ध प्रकाश में आए।
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धुंधली पहचान को साफ करने में जुटी पुलिस

सीसीटीवी में कैद संदिग्ध गमछे वाले युवक की धुंधली पहचान को साफ करने के लिए पुलिस तीसरे दिन भी पसीना बहाती रही। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसकी अंतिम लोकेशन फर्रुखाबाद चौराहे के आसपास मिली है। वहीं, पूरे दिन सर्राफा के घर पुलिस की आवाजाही के कारण लोग घरों को बंद करके अंदर कैद रहे।


एसओजी टीम ने राजीव वर्मा के घर डाला डेरा

बुधवार को दो गाड़ियों से एसओजी टीम मोहल्ला बनवारी नगर स्थित राजीव वर्मा के आवास पर 10बजे पहुंच गई। एक गाड़ी से आए एसओजी टीम के सिपाही राजीव वर्मा, उनके बेटे सोनू, मोनू व शुभांशू से अलग अलग करीब दो घंटे तक पूछताछ करते रहे, जबकि दूसरी गाड़ी के सिपाही नगर में अलग अलग क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे। देर शाम तक एसओजी कोतवाली में ही डेरा जमाए हुए थे।
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