कन्नौज। शहर की गल्ला मंडी पुलिस चौकी के स्टाफ की पिटाई का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। उसका स्टाफ छुट्टी पर चला गया है। उन्हें अलग-अलग कारणों से छुट्टी दे दी गई है। वहां इन दिनों सन्नाटा है। गिनचुने होमगार्ड ही वहां ड्यूटी पर हैं। समझा जा रहा है कि किसी तरह की बयानबाजी या विवाद से बचने के लिए ही उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है।
दो जून की देर रात शहर की गल्ला मंडी पुलिस चौकी में हुए विवाद के बाद पुलिस प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। चौकी के प्रभारी समेत दूसरे दरोगा व सिपाहियों की पिटाई के आरोप में सदर कोतवाली में सांसद सुब्रत पाठक समेत 10 नामजद व 40-42 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सांसद की ओर से कई बार पुलिस की ओर से बयान दिया गया। इसमें पुलिस पर ही आरोप लगाए गए। हालांकि पुलिस की ओर से जवाब नहीं दिया गया। इस बीच पांच जून को पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर भी यहां पहुंच गए। हालांकि उनके पहुंचने पर यहां चौकी और कोतवाली में कोई पुलिसकर्मी सामने नहीं आया। खुद एसपी से भी उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। कुछ देर के लिए एएसपी से मुलाकात जरूर हुई, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में अमिताभ ठाकुर पुलिस पर सियासी दबाव होने की बात कहकर यहां से चले गए। अब सामने आया है कि मंडी प्रकरण से जुड़े पुलिसकर्मियों को अवकाश पर भेज दिया गया है। हालांकि इस बारे में भी कोई पुलिस अफसर बोलने को तैयार नहीं है। सदर कोतवाल अजय अवस्थी ने सिर्फ यही बताया कि घरेलू काम की वजह कर किसी ने छुट्टी मांगी थी, तो वह मंजूर हुई है।
99999999999धर-पकड़ से दूर, रोजमर्रा का काम निपटा रही पुलिस
मंडी चौकी प्रकरण में जिन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनकी धर-पकड़ के लिए पुलिस की ओर से किसी तरह की सक्रियता नहीं दिखाई जा रही है। हालांकि शुरू के दो-तीन दिन तक चर्चा रही कि पुलिस ने दबिश दी है, लेकिन पुलिस से जुड़े लोगों ने इस प्रकरण में किसी तरह की दबिश से इंकार किया है।
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अफवाह साबित हुई बयान दर्ज होने की बात
इस बीच यह भी चर्चा हुई कि मंगलवार को उन पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज होंगे, जो उस घटना में मौजूद थे। हालांकि यह सिर्फ अफवाह ही साबित हुई। मंगलवार को कोई गतिविधि नहीं हुई। सदर कोतवाल ने भी किसी तरह का बयान दर्ज करने की जानकारी से इंकार कर दिया।
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पूरे दिन होती रही एसआईटी की चर्चा
मंडी चौकी प्रकरण को लेकर आए दिन तरह-तरह की चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस से जुड़े लोग ऐसी चर्चाओं की सच्चाई से खुद को अंजान ही बता रहे हैं। मंगलवार की शाम तेजी से इस तरह की चर्चा रही कि इस प्रकरण की जांच एसआईटी को दी जाएगी। इसे लेकर पुलिस अफसरों से जानकारी की कोशिश की गई, लेकिन कहीं से कोई सार्थक जवाब नहीं आया।